नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद अब ‘मौत की झील’ का खतरा, चीन ने जारी किया हाई अलर्ट

खबर शेयर करें

बीजिंग/काठमांडू। नेपाल में भोटेकोसी नदी में आई अचानक बाढ़ से मची तबाही के बाद खतरा अभी टला नहीं है। बाढ़ और मलबे से जूझ रहे इलाकों में अब एक और बड़ा संकट मंडरा रहा है। चीन ने चेतावनी जारी की है कि नदियों के संगम पर मलबा जमा होने से बनी एक विशाल बैरियर लेक (अवरोधक झील) कभी भी टूट सकती है। झील के टूटने की स्थिति में भोटेकोसी नदी के निचले इलाकों में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंचने का खतरा है।

चीनी अधिकारियों की चेतावनी के बाद नेपाल में संवेदनशील इलाकों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन संभावित खतरे वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  शादी से पहले संबंधों में बरतें सावधानी, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

नदियों के संगम पर बनी विशाल झील

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने स्थिति को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किया है। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास मलबा जमा होने से एक प्राकृतिक अवरोध बन गया है। इसके पीछे पानी जमा होकर एक बड़ी बैरियर झील का रूप ले चुका है।

बताया गया है कि गुरुवार सुबह तक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पानी का लगातार बढ़ता दबाव इस प्राकृतिक अवरोध के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार झील से पानी का ओवरफ्लो भी शुरू हो चुका है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: ढलान में खड़ी कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, दो महिलाओं समेत तीन की मौत, दो गंभीर घायल

तीन दिन में और 30 लाख घन मीटर पानी जमा होने का अनुमान

सबसे बड़ी चिंता आने वाले कुछ दिनों को लेकर है। चीनी अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों में झील में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। लगातार बढ़ते जलस्तर से बैरियर के टूटने का खतरा बढ़ गया है।

यदि प्राकृतिक अवरोध अचानक टूटता है तो झील में जमा पानी बेहद तेजी से नीचे की ओर बह सकता है। ऐसी स्थिति में भोटेकोसी नदी के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने और भारी मात्रा में मलबा पहुंचने का खतरा रहेगा। इससे पहले से बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान, बोले- ‘आजादी का दूसरा आंदोलन’ शुरू होगा, 20 जुलाई को संसद मार्च की हुंकार

बाढ़ के बाद अब दूसरी चुनौती

भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ ने पहले ही बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ के पानी के साथ आए मलबे ने कई इलाकों को प्रभावित किया है। अब उसी क्षेत्र में प्राकृतिक अवरोध के पीछे पानी जमा होने से नई चिंता पैदा हो गई है।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती संभावित झील टूटने की स्थिति में निचले इलाकों को सुरक्षित रखना है। जलस्तर और बैरियर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले तीन दिन इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान झील में पानी का दबाव तेजी से बढ़ने की आशंका जताई गई है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page