शादी से पहले संबंधों में बरतें सावधानी, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। Supreme Court of India ने सोमवार को शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए पूरी तरह अजनबी होते हैं, इसलिए ऐसे संबंधों में सावधानी बरतनी चाहिए।

मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि यदि कोई महिला विवाह को लेकर गंभीर है तो उसे शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में सतर्क रहना चाहिए। पीठ ने यह भी पूछा कि महिला दुबई तक क्यों गई, जहां दोनों के बीच संबंध बने। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में यह देखा जाना चाहिए कि संबंध सहमति से बने थे या नहीं।

यह भी पढ़ें 👉  शिमला: बाढ़-भूस्खलन प्रभावित हिमाचल को PM मोदी की बड़ी राहत, 1500 करोड़ की सहायता का ऐलान

आरोप है कि एक व्यक्ति ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से महिला से संपर्क किया, विवाह का भरोसा दिलाया और दिल्ली तथा दुबई में शारीरिक संबंध बनाए। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसने दूसरी शादी भी कर ली है। इसके बाद महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।

यह भी पढ़ें 👉  दिल्ली में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, धरती हिली तो लोगों में मचा हड़कंप, रिक्टर स्केल पर 2.8 तीव्रता

महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसकी निजी वीडियो बिना अनुमति के बनाई और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। आरोपी की जमानत याचिका पहले सत्र अदालत और Delhi High Court से खारिज हो चुकी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया विवाह का वादा झूठा प्रतीत होता है।

यह भी पढ़ें 👉  रामनवमी पर अद्भुत दृश्य: सूर्य की किरणों से हुआ रामलला का ‘सूर्य तिलक’, 4 मिनट तक आलोकित रहा ललाट

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई टालते हुए दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने का सुझाव दिया है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page