मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा और डोला विसर्जन को लेकर फैसला, श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए लिया गया निर्णय
नैनीताल। नैनीताल के ऐतिहासिक श्री नंदा देवी महोत्सव के समापन को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महोत्सव के समापन अवसर पर 23 सितंबर को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा और मां नंदा-सुनंदा के डोला विसर्जन को देखते हुए नैनीताल नगर क्षेत्र के सभी शासकीय, अशासकीय, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
जिलाधिकारी ने यह निर्णय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए लिया है। महोत्सव के समापन पर नैनीताल नगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दबाव पड़ने की आशंका है।
23 सितंबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
नैनीताल का श्री नंदा देवी महोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। महोत्सव के अंतिम दिन 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार डोला विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के भी नैनीताल पहुंचने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिला प्रशासन के अनुसार, महोत्सव के दौरान शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। शोभायात्रा के मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में स्कूल और कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, इसके लिए शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश केवल 23 सितंबर 2026 को नैनीताल नगर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित शिक्षण संस्थानों के लिए घोषित किया गया है।
सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का पालन करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि नैनीताल नगर क्षेत्र में संचालित सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को अवकाश संबंधी आदेश की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन का उद्देश्य महोत्सव के धार्मिक कार्यक्रमों को सुचारु रूप से संपन्न कराने के साथ-साथ शहर में यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है।
