लंबे इंतजार के बाद जारी हुई तबादला सूची, दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने पर सरकार का फोकस
देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से चल रही तबादला प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए सोमवार को 310 डॉक्टरों के तबादला आदेश जारी कर दिए। व्यापक स्तर पर हुए इस प्रशासनिक फेरबदल में जिला अस्पतालों, संयुक्त चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस तबादला अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेशभर में डॉक्टरों की उपलब्धता का संतुलन स्थापित करना और उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है, जहां लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई थी।
पहाड़ों में डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर
प्रदेश के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। दूसरी ओर, कई बड़े अस्पतालों और शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में डॉक्टर तैनात होने से संसाधनों का संतुलन प्रभावित हो रहा था। इसके अलावा कई चिकित्सक वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत थे।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए डॉक्टरों का पुनर्वितरण किया है, ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का समान लाभ लोगों को मिल सके।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार को उम्मीद है कि इस निर्णय का सबसे अधिक लाभ पर्वतीय जिलों के लोगों को मिलेगा। लंबे समय से कई सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे थे, जिसके चलते मरीजों को सामान्य इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए भी मैदानी शहरों का रुख करना पड़ता था।
नई तैनातियों के बाद स्थानीय अस्पतालों में विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और लोगों का समय एवं आर्थिक खर्च भी बचेगा।
सचिव स्वास्थ्य ने दी जानकारी
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने बताया कि डॉक्टरों के तबादलों की सूची पिछले कई दिनों से तैयार की जा रही थी। सभी प्रशासनिक और विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार शाम सूची को अंतिम रूप दिया गया।
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित चिकित्सकों को अलग-अलग तबादला आदेश जारी किए जाएंगे और उनसे निर्धारित समय सीमा के भीतर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने की अपेक्षा की गई है।

