सिविल अस्पताल में मानवता शर्मसार, महिला शौचालय के कमोड में फंसा मिला नवजात का शव

खबर शेयर करें

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के महिला शौचालय के कमोड में एक नवजात शिशु का शव बुरी तरह फंसा हुआ मिला, जिसे बाहर निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की टीम को करीब आठ घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः कमोड को तोड़कर नवजात के शव को बाहर निकाला गया।

घटना का खुलासा मंगलवार दोपहर उस समय हुआ, जब महिला सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह करीब 12:30 बजे शौचालय की सफाई के लिए पहुंची। कुछ देर बाद दोबारा सफाई करने पर उसने देखा कि कमोड से पानी की निकासी नहीं हो रही है। ध्यान से देखने पर कमोड के भीतर नवजात का हाथ और सिर दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर सफाई कर्मचारी घबरा गई और तुरंत अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी 28 दिसंबर को कोटाबाग दौरे पर...विकास योजनाओं का करेंगे लोकार्पण, पहाड़ पछयाण महोत्सव में लेंगे हिस्सा

मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासिया की प्रभारी बीएमओ डॉ. सुधा बख्शी ने बताया कि स्टाफ नर्स द्वारा महिला शौचालय में कुछ फंसे होने की आशंका जताई गई थी। निरीक्षण के दौरान नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर अमेरिकी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- ‘पिता की तरह ही होगा अंजाम’

नवजात का शव कमोड में बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे निकालने के लिए पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से प्रयास किए। करीब छह से सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार रात लगभग आठ बजे कमोड को तोड़कर शव बाहर निकाला जा सका।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: 13 IAS समेत 16 अफसरों के विभागों में फेरबदल, कई को मिली नई जिम्मेदारी

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को अस्पताल के शौचालय में किसने और किन परिस्थितियों में फेंका। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page