बाबा हरदेव सिंह को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, हल्द्वानी में श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ संत समागम

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। संत निरंकारी मिशन की ओर से युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परम् श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के सान्निध्य में लाखों श्रद्धालुओं ने सतगुरु के दर्शन और अमृतमयी वचनों का श्रवण कर आत्मिक शांति और दिव्य आनंद का अनुभव किया।

सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि बाबा हरदेव सिंह का संपूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेमभक्ति का अद्वितीय उदाहरण रहा। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण इंसानियत, करुणा और मानवीय मूल्यों के लिए समर्पित होना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: प्रदेश में 50 ‘स्विफ्ट मॉडल’ स्कूल होंगे विकसित, छात्रों को मिलेंगे 1000 लैपटॉप

उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में दुख, पीड़ा या संघर्ष है, तो हमारा कर्तव्य उसे बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेम, संवेदनशीलता और सहयोग के माध्यम से उसे कम करना होना चाहिए। यही सच्ची मानवता और बाबा जी की शिक्षाओं का सार है।

सतगुरु माता ने कहा कि ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने के बाद जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समस्त मानवता की सेवा और कल्याण का माध्यम बन जाता है। उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा दिखावे से दूर, प्रेम, विनम्रता और निस्वार्थ भावना से परिपूर्ण होती है, जबकि वास्तविक भक्ति व्यवहार और कर्मों में दिखाई देती है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बिजली संकट, मध्यम व दीर्घ अवधि के टेंडर पर नहीं मिल रही कंपनियां

उन्होंने अमर संत अवनीत जी के समर्पित जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चा समर्पण वही है, जिसमें सेवा केवल विचारों तक सीमित न रहकर व्यवहार और प्राथमिकताओं में भी दिखाई दे। उन्होंने कहा कि पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच भी पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा और भक्ति का जीवन जिया जा सकता है।

समर्पण दिवस के अवसर पर हल्द्वानी स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन गौजाजाली बरेली रोड में भी विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गीतकारों, कवियों और विचारकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बाबा हरदेव सिंह जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का होगा विलय, 2026 से अस्तित्व खत्म

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा के सौम्य व्यक्तित्व, सेवा, समर्पण और मानव कल्याण के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाएं आज भी लोगों के हृदय में जीवंत हैं।

वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के मार्गदर्शन में संत निरंकारी मिशन विश्वभर में सेवा, सद्भाव, भाईचारे और मानवता का संदेश प्रसारित कर रहा है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page