Haldwani: UOU की 36वीं विद्यापरिषद की बैठक सम्पन्न, बीएड (ODL), नेपाली छात्रों के प्रवेश समेत 19 प्रस्तावों को मंजूरी

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की 36वीं विद्यापरिषद की बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के बाह्य विशेषज्ञ ऑनलाइन जुड़े, जबकि आंतरिक सदस्यों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, नए शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध और छात्र हित से जुड़े 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं सदस्य सचिव खेमराज भट्ट ने परिषद के समक्ष कार्यसूची प्रस्तुत की। बैठक की शुरुआत 35वीं विद्यापरिषद की कार्यवाही और उस पर की गई अनुपालन कार्रवाई के अनुमोदन से हुई। इसके बाद विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: गुटखा-पान मसाला का काला खेल!...ट्रांसपोर्ट नगर के गोदामों में टैक्स चोरी का माल, बाजार में मनमानी कीमतें

बीएड (ODL) और लाइब्रेरी साइंस कार्यक्रम को हरी झंडी

विद्यापरिषद ने यूजीसी-डीईबी से प्राप्त मान्यता के आधार पर बी.एड. (ओडीएल) और बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस कार्यक्रमों के संचालन को मंजूरी दी। इसके साथ ही नेपाल के विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को भी विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

शोधार्थियों के लिए नई पहल

बैठक में शोध कार्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए गए। परिषद ने शोधार्थियों की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए प्रायोजन नीति, पीएचडी प्रवेश व्यवस्था, तथा रसायन विज्ञान एवं गणित विभाग के शोधार्थियों की पीएचडी मौखिक परीक्षाओं की आख्या को मंजूरी दी।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद नैनीताल जिले में अलर्ट, सभी होटल-होमस्टे और मॉल का होगा सुरक्षा ऑडिट

छात्र हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय

विद्यापरिषद ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए ‘स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना’, शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पुरानी अध्ययन सामग्री का निःशुल्क वितरण, तथा दीक्षांत समारोह से पूर्व उपाधि प्रदान करने की व्यवस्था को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कृषि एवं उद्यानिकी विषयों के संचालन संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।

अध्ययन केंद्रों और डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्रों पर एनसीवीईटी (NCVET) से मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों के संचालन की नियमावली, सीआईक्यूए (CIQA) की बैठक की संस्तुतियां, विभिन्न बोर्ड ऑफ स्टडीज़ की अनुशंसाओं तथा परीक्षा परिणामों की स्क्रूटनी के बाद प्राप्त विसंगतियों के निस्तारण से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: देहरादून-हरिद्वार से छह बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, एक भारतीय महिला भी हिरासत में

इसके साथ ही पंजीकृत शिक्षार्थियों के लिए दूरदर्शन उत्तराखण्ड पर प्रतिदिन 30 मिनट का शैक्षणिक समय स्लॉट उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली, जिससे दूरस्थ शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

ऑनलाइन माध्यम से प्रो. एच.सी. पोखरियाल (पूर्व प्राध्यापक, दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. पी.एस. बिष्ट (सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय), डॉ. मनु प्रताप सिंह (डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा) और डॉ. एच.सी. पुरोहित (दून विश्वविद्यालय) सहित अन्य बाह्य विशेषज्ञों ने सहभागिता की। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, संकाय सदस्य और आमंत्रित सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page