नेपाल के तराई में बढ़ा सांप्रदायिक तनाव…सुनसरी से चार जिलों तक फैली हिंसा, कई जगह कर्फ्यू, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने की शांति की अपील

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काठमांडू। नेपाल के भारत से सटे दक्षिणी तराई क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव लगातार गहराता जा रहा है। सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा अब सप्तरी, धनुषा और सिराहा तक फैल चुकी है। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू, निषेधाज्ञा और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। अब तक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देशवासियों से शांति, संयम और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया है।

सुनसरी से शुरू हुआ विवाद, चार जिलों तक पहुंचा तनाव

सांप्रदायिक तनाव की शुरुआत सप्ताहांत में सुनसरी जिले के कप्तानगंज क्षेत्र से हुई थी। दो धार्मिक समुदायों के अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

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हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बाद प्रशासन ने सुनसरी के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया।

सप्तरी में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

सुनसरी की घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों और लोगों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद सप्तरी जिला प्रशासन ने राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में शुक्रवार सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।

इसके साथ ही कर्फ्यू वाले जिलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

हिंसा में तीन मौतें, कई घायल

हिंसा का दायरा गुरुवार को पड़ोसी मधेस प्रांत तक पहुंच गया। सिराहा जिले में हुई झड़पों के दौरान एक किशोर की मौत हो गई, जबकि सुनसरी हिंसा में घायल एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह अब तक हिंसा में मरने वालों की संख्या तीन हो चुकी है। वहीं, अलग-अलग घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं।

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भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी

बिगड़ते हालात को देखते हुए नेपाल के सर्लाही जिले की जिला सुरक्षा समिति ने भारत से नेपाल आने वाले सभी लोगों के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि सीमा पार आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और आम नागरिकों से शांति, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आह्वान किया है।

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वहीं प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्र के नाम टेलीविजन संदेश में कहा कि सरकार हालिया हिंसा की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराएगी तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अफवाहों से बचने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

पुलिसकर्मी पर भी हमला

तनाव के बीच गुरुवार रात सिराहा जिले की लहान नगरपालिका में एक अज्ञात हमलावर ने पुलिस कॉन्स्टेबल नारद परियार को गोली मार दी। गोली उनकी दाहिनी जांघ में लगी, जिसके बाद उन्हें विराटनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी है।

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं, जबकि सरकार शांति बहाल करने के लिए राजनीतिक दलों और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद भी जारी रखे हुए है।

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