हल्द्वानी। नैनीताल जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में नशे और अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। रोजाना पुलिस अवैध शराब, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को गिरफ्तार कर रही है। लेकिन इन तमाम अभियानों के बीच हल्द्वानी का ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर में होटल-ढाबों की आड़ में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है। शाम ढलते ही कई ठिकानों पर शराब परोसी जाती है और देर रात तक महफिलें सजती हैं। इतना ही नहीं, क्षेत्र में सट्टे और जुए का खेल भी बेरोकटोक जारी है। हैरानी की बात यह है कि यह सब ऐसे इलाके में हो रहा है, जहां चंद कदम की दूरी पर टीपीनगर पुलिस चौकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर अब केवल परिवहन गतिविधियों तक सीमित नहीं रह गया है। यहां रात होते ही माहौल पूरी तरह बदल जाता है। शराब के नशे में झगड़े, हुड़दंग और असामाजिक तत्वों की आवाजाही आम बात बन चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर क्षेत्र के व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आसपास रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अवैध शराब के साथ-साथ सट्टे और जुए का नेटवर्क भी लगातार फैल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में युवा और दिहाड़ी मजदूर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी समय-समय पर पुलिस और प्रशासन ने अभियान चलाकर इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया था, लेकिन कार्रवाई ठंडी पड़ते ही अवैध कारोबार फिर उसी रफ्तार से शुरू हो गया। अब स्थिति यह है कि कारोबार करने वालों में कानून का कोई डर नजर नहीं आता।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिलेभर में अपराध और नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है, तब ट्रांसपोर्ट नगर में यह सब आखिर किसकी नजरों के सामने हो रहा है? क्या संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

