रणनीतिक खनिजों के घरेलू उत्पादन पर जोर, रक्षा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और चीन समेत दूसरे देशों पर निर्भरता घटाने की तैयारी
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में जरूरी खनिजों के उत्पादन और उनसे जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए 2 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य अमेरिका में घरेलू माइनिंग और मिनरल प्रोसेसिंग को दोबारा मजबूत करना, रक्षा उद्योग की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना और रणनीतिक खनिजों के लिए दूसरे देशों पर अमेरिकी निर्भरता कम करना है।
ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में आयोजित माइनिंग इंडस्ट्री राउंडटेबल बैठक में यह घोषणा की। बैठक में खनन उद्योग से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह 120 से अधिक वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति और माइनिंग इंडस्ट्री के प्रमुखों के बीच हुई सबसे बड़ी बैठकों में से एक है।
ट्रंप ने रणनीतिक खनिजों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बताते हुए कहा कि इन्हीं कच्चे संसाधनों से आधुनिक हथियारों से लेकर ऑटोमोबाइल तक बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य है कि जरूरी खनिजों का खनन, उनका प्रसंस्करण और उनसे जुड़े उत्पादों का निर्माण देश में ही हो तथा इसमें अमेरिकी तकनीक और अमेरिकी श्रमिकों की भूमिका हो।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया के किसी भी देश से बेहतर कौशल और श्रमशक्ति है। उन्होंने दावा किया कि 1950 के दशक के बाद अमेरिका सबसे तेज गति से नई खदानें खोलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, घोषित निवेश का मकसद रणनीतिक खनिजों की सप्लाई चेन में मौजूद कमजोरियों को दूर करना, भू-राजनीतिक तनाव और व्यवधानों से अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार को सुरक्षित रखना तथा अगली पीढ़ी की तकनीकों के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
घोषित निवेश में सबसे बड़ी प्रतिबद्धता कैलिफोर्निया स्थित सिला नैनो टेक्नोलॉजीज के लिए है। युद्ध विभाग इस कंपनी में 1.4 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसका इस्तेमाल सिलिकॉन-कार्बन बैटरी एनोड के उत्पादन को बढ़ाने और लिथियम-आयन बैटरी सेल निर्माण की सुविधा विकसित करने में किया जाएगा। इन तकनीकों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का उपयोग सैटेलाइट, मानव रहित हवाई प्रणालियों और हथियारों में भी होता है।
इसके अलावा सनराइज एनर्जी मेटल्स में 400 मिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कैंडियम की सप्लाई चेन विकसित करना है। व्हाइट हाउस ने इस परियोजना को दुनिया की पहली प्राथमिक स्कैंडियम खदान बताया है। स्कैंडियम का इस्तेमाल फाइटर जेट और अंतरिक्ष यानों के लिए उच्च तापमान सहने वाले एल्युमिनियम मिश्र धातुओं में किया जाता है।
मिनेसोटा की नीरॉन मैग्नेटिक्स को रेयर-अर्थ-फ्री परमानेंट मैग्नेट के उत्पादन के लिए 150 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे। वहीं, 85 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि स्टैंडर्ड बॉक्साइट को दी जाएगी, ताकि उच्च तापमान प्रतिरोधी सामग्रियों में इस्तेमाल होने वाले रिफ्रैक्टरी-ग्रेड बॉक्साइट की आपूर्ति सुरक्षित की जा सके।
अमेरिका के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक की ओर से कैलिफोर्निया के बोरॉन डिपॉजिट के विकास के लिए 5ई एडवांस्ड मैटेरियल्स में 8 मिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा अलबामा में वेस्टवॉटर रिसोर्सेज को ग्रेफाइट और पेंसिल्वेनिया में ग्लोबल एडवांस्ड मैटेरियल्स को टैंटलम तथा नियोबियम के लिए 25 मिलियन डॉलर की सहायता दी जाएगी।
अमेरिकी इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन मेडागास्कर में एक खनन परियोजना विकसित करने के लिए हरेना रेयर अर्थ्स में करीब 4.8 मिलियन डॉलर के बराबर निवेश करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य अमेरिकी विनिर्माण उद्योग के लिए जरूरी मैग्नेट मेटल और रेयर-अर्थ तत्वों की आपूर्ति को सुरक्षित करना है।
ट्रंप प्रशासन ने केवल खनन परियोजनाओं पर ही नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया है। राष्ट्रपति ने देश के 14 माइनिंग स्कूलों के लिए 100 मिलियन डॉलर की घोषणा की है। इसका लक्ष्य खनन, खनिज और संबंधित सप्लाई चेन के क्षेत्रों में डिग्री हासिल करने वाले छात्रों की संख्या को दोगुना करना है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी खनन उद्योग की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए यह निवेश महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 80 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि विभिन्न संस्थानों को वर्कफोर्स प्रोग्राम और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब विकसित करने के लिए दी जाएगी। ट्रंप के अनुसार, करीब 81 मिलियन डॉलर कोलोराडो स्कूल ऑफ माइन्स, साउथ डकोटा स्कूल ऑफ माइन्स और जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए दिए जाएंगे।
राउंडटेबल बैठक में विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक भी मौजूद रहे। बैठक में खनन क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी खनिज सुरक्षा, नई तकनीक और कुशल श्रमशक्ति तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

