Haldwani: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में 1 जुलाई से प्रवेश शुरू, दो नए कोर्स लॉन्च…छात्रों को मिलेगी सेमेस्टरवार फीस की सुविधा

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10 अगस्त तक होंगे आवेदन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कई नई सुविधाएं लागू

हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में जुलाई सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो रही है। विश्वविद्यालय इस बार दो नए पाठ्यक्रमों के साथ छात्रों के लिए कई नई सुविधाएं लेकर आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अब विद्यार्थियों को सेमेस्टरवार फीस जमा करने, क्रेडिट मोबिलिटी, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। प्रवेश की अंतिम तिथि 10 अगस्त निर्धारित की गई है।

विश्वविद्यालय के अतिथि गृह सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने नए शैक्षणिक सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार विश्वविद्यालय 15 स्नातक, 35 स्नातकोत्तर, 16 डिप्लोमा और 29 प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश देगा। इसके अलावा डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज़ और मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम भी पहली बार शुरू किए जा रहे हैं। वहीं बीएलआईएस और बीएड (ओडीएल) में प्रवेश यूजीसी-डीईबी की अनुमति मिलने के बाद प्रारंभ होंगे।

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कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सभी सेमेस्टर आधारित कार्यक्रमों में सेमेस्टरवार शुल्क जमा करने की व्यवस्था लागू की गई है। अब छात्रों को पूरे वर्ष की फीस एक साथ जमा नहीं करनी होगी। साथ ही पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी विद्यार्थी स्वतः विश्वविद्यालय के एलुमनाई (पूर्व छात्र) बन जाएंगे तथा उनका मूल्यांकन ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के आधार पर किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि एमबीए, एमसीए, एमटीटीएम, बीएड स्पेशल एजुकेशन, एमएड स्पेशल एजुकेशन, बीए योग (ऑनर्स) और एमए योग कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी 1 जुलाई से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

प्रवेश के लिए DEB-ID और ABC-ID अनिवार्य होंगे। नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को क्रेडिट ट्रांसफर, मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

प्रदेशभर में विश्वविद्यालय के 144 शिक्षार्थी सहायता केंद्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग देंगे। सैनिकों और जेलों में निरुद्ध बंदियों के लिए भी विशेष अध्ययन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, ताकि उच्च शिक्षा समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।

विद्यार्थियों को शुल्क में भी कई रियायतें दी गई हैं। थर्ड जेंडर के विद्यार्थियों को पूर्ण शुल्क माफी मिलेगी। बीएससी और एमएससी के प्रायोगिक विषयों में कार्यशाला शुल्क पर 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जबकि ई-एसएलएम (डिजिटल अध्ययन सामग्री) चुनने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। छात्र ऑनलाइन प्रवेश के दौरान प्रिंट अध्ययन सामग्री का विकल्प भी चुन सकेंगे।

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कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीक और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और रोजगारोन्मुख उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेश और देशभर के विद्यार्थियों से जुलाई सत्र-2026 में प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

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