फोन टैपिंग और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री और SSP से शिकायत करने का किया दावा
हल्द्वानी। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने फोन टैपिंग और जान को खतरा होने की आशंका व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि एक कथित गिरोह नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
नैनीताल रोड स्थित एक होटल में बुधवार शाम आयोजित प्रेस वार्ता में सुमित हृदयेश भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनका जीवन खतरे में है और उन्हें आशंका है कि उनके तथा उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उन्होंने अपनी गाड़ी का एक्सीडेंट कराए जाने की आशंका भी जताई।
परिवार के फोन टैपिंग का आरोप, AI से वीडियो वायरल करने की जताई आशंका
विधायक ने आरोप लगाया कि उनके पूरे परिवार के फोन टैप किए जा रहे हैं और एक कथित गिरोह नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस नेटवर्क में कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं और निजी कंपनियों के माध्यम से फोन टैपिंग जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सुमित हृदयेश ने यह आशंका भी जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए उनकी कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्यमंत्री से शिकायत, अप्रैल 2025 में SSP को दिया था पत्र
विधायक ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की थी। इसके अलावा अप्रैल 2025 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें दो लोगों के नामों का उल्लेख किए जाने की बात कही।
हालांकि, फोन टैपिंग, कथित गिरोह की गतिविधियों और जान को खतरे से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
संजय नेगी और सोनू शर्मा को लेकर भी दिया बयान
प्रेस वार्ता के दौरान रामनगर के संजय नेगी और बाजपुर के सोनू शर्मा भी मौजूद रहे। सुमित हृदयेश ने कहा कि यदि इन दोनों को कांग्रेस में शामिल करा दिया जाए तो वह अपनी विधायकी छोड़ देंगे।
विधायक के इस बयान ने मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब इस पूरे प्रकरण में प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया तथा विधायक की सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

