नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि, 500 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई है और उन पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
डीईआरसी की मंजूरी के बाद दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) अब बढ़े हुए फ्यूल सरचार्ज को लागू कर सकेंगी। आयोग के फैसले के अनुसार, 500 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 1 प्रतिशत से लेकर 3.30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी।
राहत की बात यह है कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से 200 से 500 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले वे उपभोक्ता, जिन्हें वर्तमान में सब्सिडी मिल रही है, पहले की तरह राहत का लाभ उठाते रहेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, बिजली उत्पादन और ईंधन की लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बिजली कंपनियों का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने से उन पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा था, जिसे संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज में संशोधन जरूरी हो गया था।
डीईआरसी ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से 500 यूनिट तक की घरेलू खपत को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा है। इससे राजधानी के लाखों परिवारों के मासिक बिजली बिल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी सीमित दायरे में है, लेकिन गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर और अन्य बिजली उपकरणों का अधिक उपयोग करने वाले परिवारों के मासिक बजट पर इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल, बिजली उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि नई दरें कब से प्रभावी होंगी और इसका वास्तविक असर उनके मासिक बिजली बिल में कितना दिखाई देगा।

