नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पति-पत्नी अदालत परिसर में एक-दूसरे को गले लगाकर रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली के तीस हजारी स्थित फैमिली कोर्ट का है, जहां तलाक की प्रक्रिया के लिए पहुंचे दंपति ने वर्षों पुराने मतभेद भुलाकर एक बार फिर साथ रहने का फैसला कर लिया।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पति-पत्नी आमने-सामने आते हैं और कुछ ही क्षणों में भावुक होकर एक-दूसरे को गले लगा लेते हैं। दोनों की आंखों से आंसू बहने लगते हैं और वहां मौजूद लोग भी इस भावुक पल के साक्षी बनते हैं। सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि दोनों ने अपनी तलाक की अर्जी फाड़ दी और नया जीवन शुरू करने का निर्णय लिया। हालांकि इस दावे और मुकदमे की वास्तविक कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक, शिखा सिंह और सौरभ की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला अदालत तक पहुंच गया। बताया जाता है कि शिखा ने अपने पति सौरभ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद दोनों अलग रहने लगे और कानूनी लड़ाई शुरू हो गई।
इसी दौरान एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने दोनों के रिश्ते की दिशा बदल दी। बताया जा रहा है कि शिखा के पिता को अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी हालत गंभीर हो गई। परिवार ने उन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जब इस बारे में सौरभ को जानकारी मिली तो उन्होंने बिना किसी देर के अपने ससुर को बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाई।
सौरभ के इस कदम ने शिखा और उनके परिवार को भावुक कर दिया। इलाज के बाद शिखा के पिता की हालत में सुधार हुआ और इसी घटना ने दोनों परिवारों के बीच जमी दूरियों को कम करने का काम किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई और रिश्ते को एक और मौका देने पर सहमति बनी।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हजारों लोग इसे रिश्तों में संवाद, संवेदनशीलता और माफी की ताकत का उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि अदालत में चल रहे मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति और तलाक याचिका वापस लेने संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
फिर भी यह घटना इस बात का संदेश जरूर देती है कि कई बार रिश्तों में एक मानवीय पहल और कठिन समय में दिया गया साथ वर्षों की दूरियों को भी खत्म कर सकता है।

