अमरनाथ यात्रा 2026: ड्रोन, CCTV और हाईटेक निगरानी के साए में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा, अमित शाह ने दिए कड़े सुरक्षा निर्देश

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नई दिल्ली। 3 जुलाई से शुरू होने जा रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत करने का फैसला किया है। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक सुरक्षा तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और हाईटेक सुरक्षा उपकरणों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा एजेंसियों को बहुस्तरीय और अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यात्रा मार्गों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लगातार निगरानी बनाए रखें।

ड्रोन और हाईटेक सर्विलांस से होगी निगरानी

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। यात्रा के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

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उन्होंने यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, कामगारों और विक्रेताओं का अनिवार्य पंजीकरण करने तथा उन्हें क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। इससे यात्रा क्षेत्र में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की डिजिटल पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी।

57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों के जरिए बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। इनमें अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग शामिल है।

गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के जत्थों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

सुरक्षा समीक्षा बैठक में शामिल हुए शीर्ष अधिकारी

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha, सेना प्रमुख General Upendra Dwivedi, गृह सचिव Govind Mohan, खुफिया ब्यूरो प्रमुख Tapan Kumar Deka, सीआरपीएफ महानिदेशक GP Singh सहित कई वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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बैठक में सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, आपदा प्रबंधन और तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

तैनात होंगे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा मार्गों पर कई आधुनिक सुरक्षा उपकरण तैनात किए हैं। इनमें पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक और तरल विस्फोटक डिटेक्टर, नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर, एक्स-रे बैग स्कैनर, वाहन स्कैनर, मल्टी-जोन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर शामिल हैं।

इसके अलावा वाहनों की जांच के लिए विशेष उपकरण, मल्टी-टाइप सीसीटीवी सिस्टम और प्रतिबंधित सामग्री की पहचान करने वाले उन्नत तकनीकी संसाधनों को भी तैनात किया गया है।

QR आधारित पहचान प्रणाली से होगी डिजिटल निगरानी

यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने QR आधारित पहचान एप भी लॉन्च किया है। इसके माध्यम से यात्रा मार्ग पर कार्यरत मजदूरों, दुकानदारों और अन्य सेवा प्रदाताओं की डिजिटल पहचान सत्यापित की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे असत्यापित व्यक्तियों की घुसपैठ रोकने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और जवाबदेही भी बेहतर होगी।

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सुरक्षा एजेंसियों ने किरायेदार सत्यापन, ठहरने के स्थानों की जांच और खुफिया जानकारी जुटाने के अभियान भी तेज कर दिए हैं। वहीं, सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह ने हाल ही में बालटाल मार्ग का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में समुद्र तल से करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने वाली इस यात्रा को देश की सबसे संवेदनशील धार्मिक यात्राओं में माना जाता है। ऐसे में इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है, ताकि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।

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