Uttarakhand: 80 लाख रुपये के मेस घोटाले की जांच पूरी, रिपोर्ट शासन को भेजी गई

खबर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शुमार दून मेडिकल कॉलेज में सामने आए करीब 80 लाख रुपये के कथित मेस घोटाले ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच कर रही स्वास्थ्य निदेशालय की उच्च स्तरीय समिति ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में केवल कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही भी उजागर हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले दून मेडिकल कॉलेज की मेस व्यवस्था में वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी भुगतान से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए थे। आरोप था कि मेस संचालन के नाम पर नियमों को दरकिनार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और भुगतान प्रक्रिया में भी कई स्तरों पर गड़बड़ियां हुईं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में शामिल हो सकते हैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, 25 साल के सफर पर होगी चर्चा

जांच समिति ने पिछले कई सप्ताह तक मेस संचालन से जुड़े अभिलेखों, भुगतान फाइलों, वित्तीय लेनदेन और निगरानी व्यवस्था की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट में प्रक्रियागत खामियों, नियमों के उल्लंघन और निगरानी में गंभीर चूक का उल्लेख किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड ने खोया अपना सितारा: दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन

सूत्रों का कहना है कि जांच में यह भी सामने आया है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी भूमिका सही ढंग से निभाई होती तो इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता संभव नहीं थी। यही कारण है कि अब कार्रवाई का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्य ने जांच पूरी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि समिति द्वारा तैयार विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आए सभी तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है और अब आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर तय की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  आयुष के फलक पर बिखरी उत्तराखंड की चमक, डॉ. मायाराम उनियाल को मिला प्रतिष्ठित धन्वंतरी पुरस्कार

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार शासन रिपोर्ट का परीक्षण कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय कार्रवाई और अन्य कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

दून मेडिकल कॉलेज का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह संस्थान प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में करोड़ों रुपये के बजट वाले संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं का सामने आना पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page