Uttarakhand: गणतंत्र दिवस परेड में प्रोटोकॉल की अनदेखी, दो IPS अधिकारी जांच के दायरे में

खबर शेयर करें

देहरादून: राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर जहां पूरा देश तिरंगे के सम्मान में नतमस्तक था, वहीं उत्तराखंड पुलिस महकमे से जुड़ा एक मामला अब सुर्खियों में है। प्रदेश के दो आईपीएस अधिकारियों पर परेड के दौरान प्रोटोकॉल की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं। एक अधिकारी निर्धारित सेरेमोनियल वर्दी के बजाय नियमित वर्दी में पहुंचे, जबकि दूसरे अधिकारी कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है।

Republic Day Protocol Breach: Ceremonial Discipline Questioned: जानकारी के अनुसार हरिद्वार में तैनात आईपीएस जितेंद्र मेहरा और देहरादून में तैनात आईपीएस कुश मिश्रा का नाम इस प्रकरण में सामने आया है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या राज्य स्तरीय आयोजनों की पुलिस परेड में राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों के लिए सेरेमोनियल यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होता है।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: पानी के लिए फूटा गुस्सा...जल निगम दफ्तर पर ताला, अधिकारियों के आश्वासन पर खुला गेट

बताया गया है कि आईपीएस जितेंद्र मेहरा परेड में नियमित (रेगुलर) वर्दी पहनकर पहुंचे। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है। अब उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने निर्धारित ड्रेस कोड का पालन क्यों नहीं किया और किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ।

परेड में शामिल नहीं हुए कुश मिश्रा

दूसरी ओर, आईपीएस कुश मिश्रा परेड में अनुपस्थित रहे। वह हाल ही में देहरादून में तैनात हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होना आवश्यक नहीं समझा। इससे पहले भी वे दो अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर चुके हैं। पौड़ी एसएसपी द्वारा एक राजनीतिक कार्यक्रम में दबिश और चौकी में कथित मारपीट से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  संसद परिसर में तीखी तकरार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू का आरोप, राहुल गांधी ने किया हमला करने का प्रयास

पहले भी चर्चा में रहा अधिकारियों का रवैया

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति भी चर्चाओं में रही थी। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में भी कुछ आला अधिकारी नहीं पहुंचे थे। ऐसे में यह नया मामला पुलिस महकमे की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  Weather: उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, पहाड़ों में बढ़ी सतर्कता

डीजीपी ने मांगा स्पष्टीकरण

डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के मामलों को संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा, “इनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा कि आखिर उन्होंने ऐसा किन परिस्थितियों में किया।”

अब पूरे मामले की जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी या नहीं। फिलहाल, राष्ट्रीय पर्व की गरिमा से जुड़ा यह प्रकरण पुलिस महकमे में हलचल का कारण बना हुआ है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page