देहरादून। करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार हुए चर्चित बिल्डर दीपक मित्तल मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भगोड़े बिल्डर दीपक मित्तल की पत्नी राखी मित्तल को दुबई में इंटरपोल ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे दुबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है और इसकी सूचना दून पुलिस को भेज दी गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेसन (अपराध एवं कानून व्यवस्था) के अनुसार, दून पुलिस ने राखी मित्तल को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही उसे भारत लाकर पूछताछ की जाएगी।
हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी दीपक मित्तल अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। सूत्रों का मानना है कि पत्नी की गिरफ्तारी के बाद उस पर दबाव बढ़ेगा और वह या तो जल्द इंटरपोल के जाल में फंस सकता है या फिर आत्मसमर्पण कर सकता है।
45 करोड़ लेकर परिवार समेत फरार हुआ था बिल्डर दंपती
दीपक मित्तल और राखी मित्तल पुष्पांजलि इंफ्राटेक कंपनी के निदेशक थे। दोनों अपने पार्टनर राजपाल वालिया के साथ सहस्रधारा रोड स्थित आर्किड पार्क नामक ग्रुप हाउसिंग परियोजना का निर्माण कर रहे थे।
वर्ष 2020 में यह बिल्डर दंपती अपने बेटे रुद्राक्ष और बेटी दीया के साथ करीब 90 फ्लैट खरीदारों से 45 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर फरार हो गया था। इसके बाद निवेशकों और खरीदारों में हड़कंप मच गया था।
नौ मुकदमे दर्ज, ब्लू नोटिस से रेड कॉर्नर नोटिस तक पहुंचा मामला
बिल्डर दंपती के खिलाफ फ्लैट खरीदारों ने नौ मुकदमे दर्ज कराए थे। तभी से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। शुरुआती दौर में दीपक मित्तल के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठने लगे थे।
बाद में पुलिस के आवेदन पर नोटिस को रेड कॉर्नर नोटिस में तब्दील किया गया, जिसके बाद इंटरपोल ने मित्तल दंपती की तलाश तेज की और आखिरकार राखी मित्तल को दुबई में पकड़ लिया।
STF और ED भी कर चुकी हैं कार्रवाई
इस हाईप्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में एसटीएफ और प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर चुके हैं। दीपक मित्तल के फरार होने के बाद एसटीएफ ने उसके पिता अश्वनी मित्तल को गिरफ्तार किया था। वहीं, ईडी ने निर्माणाधीन आर्किड पार्क परियोजना को अटैच कर लिया था।
इसके अलावा बिल्डर के कुछ फ्लैट भी अटैच किए जा चुके हैं। बताया गया कि जब बिल्डर दंपती फरार हुआ, तब पंजाब नेशनल बैंक की इंदिरा नगर शाखा से लिया गया 21 करोड़ रुपये का ऋण भी एनपीए हो गया था।
खरीदारों को अब न्याय की उम्मीद
राखी मित्तल की गिरफ्तारी के बाद वर्षों से न्याय की राह देख रहे फ्लैट खरीदारों में उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दीपक मित्तल कब तक कानून के शिकंजे में आता है।

