नई दिल्ली। भारत सरकार ने ई-वीजा पर भारत आने वाले विदेशी नागरिकों और पर्यटकों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को और आसान कर दिया है। सरकार ने 11 नए अंतरराष्ट्रीय एंट्री पोर्ट्स को ई-वीजा सुविधा से जोड़ने का फैसला किया है। इनमें 9 भूमि बंदरगाह और 2 हवाई अड्डे शामिल हैं।
नए केंद्रों के शामिल होने के बाद अब ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के लिए भारत में प्रवेश के विकल्प बढ़कर 88 अंतरराष्ट्रीय केंद्र हो गए हैं। सरकार के इस कदम से विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ कारोबार, चिकित्सा और अन्य उद्देश्यों से भारत आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
88 केंद्रों से होगी ई-वीजा पर एंट्री
नए एंट्री पोर्ट्स को शामिल किए जाने के बाद ई-वीजा धारकों के लिए अधिकृत अंतरराष्ट्रीय प्रवेश केंद्रों में 37 एयरपोर्ट, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 लैंड पोर्ट शामिल हो गए हैं।
इससे विदेशी यात्रियों को अपने वास्तविक गंतव्य के करीब स्थित प्रवेश केंद्र चुनने का विकल्प मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होने के साथ देश में पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल और तिरुपति एयरपोर्ट भी सूची में
ई-वीजा के लिए जो दो नए हवाई अड्डे जोड़े गए हैं, उनमें मध्य प्रदेश का भोपाल एयरपोर्ट और आंध्र प्रदेश का तिरुपति एयरपोर्ट शामिल हैं।
वहीं, नौ नए भूमि बंदरगाहों में अगरतला, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी रोड समेत प्रमुख सीमावर्ती प्रवेश केंद्र शामिल किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पात्र विदेशी नागरिक अब वैध ई-वीजा के आधार पर भारत में प्रवेश कर सकेंगे।
172 देशों के नागरिकों को मिल रही सुविधा
भारत ने ई-वीजा व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए की थी। अब इसका विस्तार 172 देशों तक हो चुका है। मौजूदा व्यवस्था के तहत पर्यटक, मेडिकल, बिजनेस और छात्र समेत 17 विभिन्न श्रेणियों में ई-वीजा उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार के अनुसार, भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में करीब 78 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक वीजा होते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि विदेशी यात्रियों के बीच डिजिटल वीजा व्यवस्था तेजी से लोकप्रिय हुई है।
72 घंटे से कम समय में अधिकांश आवेदन मंजूर
ई-वीजा व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटे से कम समय में मंजूरी मिल जाती है।
नए एंट्री पोर्ट्स को जोड़ने के साथ सरकार का उद्देश्य विदेशी यात्रियों के लिए भारत आने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है। खासतौर पर उन पर्यटकों और यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें बड़े महानगरों के बजाय क्षेत्रीय हवाई अड्डों या सीमावर्ती प्रवेश केंद्रों के जरिए भारत पहुंचना होता है।

