सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सजा, कोर्ट ने युद्ध अपराधों में ठहराया दोषी

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दमिश्क। सीरिया में करीब 14 साल तक चले खूनी गृहयुद्ध और मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने असद और उनके ममेरे भाई आतिफ नजीब को गंभीर अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत में फैसला सुनाए जाने के दौरान बशर अल-असद मौजूद नहीं थे। सत्ता परिवर्तन के बाद से वह रूस में निर्वासन में रह रहे हैं।

अदालत का यह फैसला सीरिया के लंबे गृहयुद्ध के दौरान हुए कथित अत्याचारों के लिए जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और लाखों लोग विस्थापित हुए।

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सत्ता बचाने के लिए नागरिकों पर अत्याचार का आरोप

अदालत में सुनवाई के दौरान असद शासन पर सत्ता बनाए रखने के लिए नागरिकों के खिलाफ व्यापक दमन और हिंसा करने के आरोप लगाए गए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शासन से जुड़े लोगों पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और युद्ध अपराधों में शामिल होने के आरोप थे।

बशर अल-असद लंबे समय तक सीरिया की सत्ता पर काबिज रहे। उनके शासन के खिलाफ वर्ष 2011 में शुरू हुआ जनविद्रोह धीरे-धीरे व्यापक गृहयुद्ध में बदल गया। इसके बाद देश में कई वर्षों तक हिंसा, सैन्य कार्रवाई और राजनीतिक संघर्ष का दौर चलता रहा।

रूस में निर्वासन के चलते गैरमौजूदगी में फैसला

सीरिया में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद बशर अल-असद देश छोड़कर रूस चले गए थे। उनके अदालत में मौजूद नहीं होने के कारण उनके खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया गया।

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अदालत के इस फैसले के बाद अब असद की गिरफ्तारी और सजा के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठेंगे, क्योंकि वह सीरिया से बाहर रूस में रह रहे हैं। ऐसे में अदालत के फैसले का व्यावहारिक असर काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कानूनी और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

आतिफ नजीब भी दोषी, कोर्ट में पिंजरे में खड़ा था

मामले में बशर अल-असद के ममेरे भाई आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई है। नजीब पर दक्षिणी सीरिया के दारा क्षेत्र में सुरक्षा कार्रवाई का नेतृत्व करने का आरोप था। इसी क्षेत्र में वर्ष 2011 में सरकार विरोधी आंदोलन ने जोर पकड़ा था, जिसे बाद में पूरे देश में व्यापक विद्रोह का रूप मिल गया।

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फैसला सुनाए जाने के दौरान आतिफ नजीब अदालत में मौजूद था। वह कैदी की वर्दी पहने सुरक्षा घेरे में बने पिंजरे में खड़ा था। अदालत की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।

सीरिया के इतिहास में बेहद अहम फैसला

बशर अल-असद के खिलाफ मौत की सजा का यह फैसला सीरिया के आधुनिक इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है। लंबे समय तक चले गृहयुद्ध के दौरान हुए अत्याचारों के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग पीड़ित परिवारों और मानवाधिकार संगठनों की ओर से लगातार उठती रही है।

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