घास काटने गई बुजुर्ग महिला को बाघ ने मार डाला, ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम

खबर शेयर करें

रामनगर। रिंगोड़ा गांव में बाघ के हमले में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला अन्य महिलाओं के साथ हाईवे किनारे घास काट रही थी, तभी बाघ ने अचानक हमला कर दिया और महिला को घसीटते हुए कोसी नदी की ओर ले गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने शव के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।

बुधवार सुबह रिंगोड़ा गांव की तुलसी देवी (60) कड़ाकोटी गांव की अन्य महिलाओं के साथ हाईवे किनारे घास काटने गई थीं। इसी दौरान, रिंगोड़ा मजार के पास घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक हुआ कि महिला संभल नहीं पाई और बाघ उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। साथ में मौजूद महिलाओं ने शोर मचाया और तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: बिजली की रिकॉर्ड डिमांड से बढ़ी चुनौती, जून में पहली बार 6.5 करोड़ यूनिट पहुंची खपत...कई जगह ट्रिपिंग से आपूर्ति प्रभावित

सूचना मिलते ही ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान, हाईवे से करीब 500 मीटर की दूरी पर कोसी नदी के पास महिला का शव बरामद किया गया। शव मिलते ही गांव में मातम छा गया और गुस्साए ग्रामीणों ने शव को 2 किमी तक पैदल ले जाकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: STF की बड़ी कार्रवाई...कुमाऊं में 3 करोड़ से ज्यादा की हेरोइन बरामद, बड़ा तस्कर गिरफ्तार

ग्रामीणों का आक्रोश, डीएफओ को बुलाने की मांग
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में बाघ की लगातार बढ़ती गतिविधियों के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: कार से 300 किलो प्रतिबंधित गौमांस बरामद, दो गिरफ्तार, फायरिंग करते हुए दो आरोपी फरार

मौके पर पहुंचे रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला और कोसी रेंजर शेखर तिवारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक डीएफओ मौके पर नहीं आएंगे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होंगे, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page