अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: होर्मुज के पास अमेरिकी ‘सेल्फ डिफेंस’ स्ट्राइक, परमाणु वार्ता पर बढ़ा दबाव

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तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कथित “सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक” करते हुए ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और समुद्र में माइन बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाने की बात कही है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि ईरानी गतिविधियां अमेरिकी बलों के लिए संभावित खतरा बन रही थीं। प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार, कार्रवाई सीमित और “आत्मरक्षा” के दायरे में की गई तथा तनाव को और बढ़ाने से बचने की कोशिश की गई।

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अमेरिका का दावा है कि कुछ ईरानी नौकाएं होर्मुज क्षेत्र में समुद्री माइन तैनात करने की तैयारी कर रही थीं और कुछ मिसाइल लॉन्च साइटें सक्रिय की जा रही थीं। अमेरिकी बलों ने इन्हें संभावित खतरे के रूप में देखते हुए निशाना बनाया। हालांकि हमलों से हुए वास्तविक नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

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इस घटनाक्रम की खास बात यह है कि यह तनाव उस समय बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। Donald Trump ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उसे या तो अमेरिका को सौंपा जाना चाहिए या फिर निष्क्रिय किया जाना चाहिए। वहीं ईरान ने स्वीकार किया है कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन अभी अंतिम समझौता दूर है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक कूटनीति पर पड़ सकता है। इसी वजह से पश्चिम एशिया की स्थिति पर दुनिया की नजरें बनी हुई हैं।

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