चारधाम यात्रा: रजिस्ट्रेशन के साथ अब डिक्लरेशन फॉर्म भी अनिवार्य, बिना फॉर्म वाहनों की एंट्री बंद

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देहरादून। इस साल चारधाम यात्रा के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। यात्रियों के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के साथ अब स्वप्रमाणीकरण पत्र (डिक्लरेशन फॉर्म) भी अनिवार्य कर दिया गया है। इस फॉर्म में यात्रा के दौरान ठहरने और खाने की व्यवस्थाओं का पूरा विवरण देना होगा।

यातायात निदेशालय के अनुसार, जिन वाहनों के पास यह फॉर्म नहीं होगा, उन्हें यात्रा मार्ग पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों के जरिए चिह्नित कर लिया जाएगा और चेकपोस्ट पर रोककर वापस भेज दिया जाएगा।

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एआई आधारित कैमरों से होगी निगरानी

चारधाम नोडल अधिकारी एसपी लोकजीत सिंह ने बताया कि यात्रा मार्ग पर 30 एआई-आधारित एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी देहरादून कंट्रोल रूम से होगी। ये कैमरे ऐसे वाहनों की पहचान करेंगे, जिनके पास डिक्लरेशन फॉर्म नहीं होगा।

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30 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

इस साल 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। पिछले वर्ष चारधाम में 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे, जिससे पुलिस और प्रशासन को भीड़ नियंत्रण में खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार नियमों को और कड़ा किया गया है।

प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों के लिए एक समान नियम

प्रशासन के अनुसार, यह नियम प्राइवेट और कमर्शियल दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगा। यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने और अव्यवस्था रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले रजिस्ट्रेशन और डिक्लरेशन फॉर्म अनिवार्य रूप से भरकर जमा करें, अन्यथा उन्हें यात्रा से वापस लौटना पड़ सकता है।

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