मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप से बढ़ी गर्मी-उमस, कुमाऊं में कहीं-कहीं हल्की बारिश, शनिवार को सात जिलों के लिए यलो अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है और प्रदेश से इसकी विदाई की परिस्थितियां बनने लगी हैं। मैदानी क्षेत्रों में जहां तेज धूप के कारण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं कुमाऊं के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में मानसून की विदाई शुरू होने के संकेत हैं। हालांकि, विदाई से पहले प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ तेज बौछारों का दौर देखने को मिल सकता है।
आज इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में दिन के समय धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी के साथ उमस बनी रह सकती है।
शनिवार को सात जिलों में यलो अलर्ट
मानसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के सात जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
रविवार और सोमवार को बढ़ सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार के बाद रविवार और सोमवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने और मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
उत्तराखंड से जल्द विदा हो सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पूरी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से आगे लौट चुका है। अब उत्तराखंड में भी मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
