हल्द्वानी: कैथ लैब के घटिया निर्माण पर सांसद अजय भट्ट ने जताई नाराजगी, मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग

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हल्द्वानी: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में निर्माणाधीन कैथ लैब के घटिया निर्माण कार्य को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मंडी परिषद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

भट्ट ने अपने पत्र में कहा है कि कुमाऊँ मंडल के हृदय रोगियों को हल्द्वानी में ही बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 9 करोड़ रुपए की लागत से भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड के साथ एमओयू किया गया था। एमओयू के तहत मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया था कि डेढ़ वर्ष के भीतर कैथ लैब क्रियाशील हो जाएगी।

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लेकिन हाल ही में समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार निर्माण कार्य मंडी परिषद को सौंपा गया, जिसके लिए उन्हें 2.39 करोड़ रुपए की धनराशि भी प्रदान की गई। दुर्भाग्यवश, मंडी परिषद द्वारा किए गए कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि मेडिसिन आईसीयू की छत पर खड़ा ढांचा अब डायलिसिस सेंटर, माइनर ओटी और इमरजेंसी वार्ड तक पानी टपकाने लगा है। इससे मरीजों और चिकित्सकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

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सांसद अजय भट्ट ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा मंडी परिषद को कई बार नोटिस भेजा गया, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मंडी परिषद की घोर लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और कैथ लैब निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए। इससे हृदय रोगियों को दिल्ली, देहरादून या बरेली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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