वन भूमि चिन्हीकरण के विरोध में उग्र प्रदर्शन, ऋषिकेश में रेलवे ट्रैक जाम, गंगानगर एक्सप्रेस डेढ़ घंटे तक रही खड़ी

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ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वन भूमि चिन्हीकरण की कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी दहशत और आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी के विरोध में रविवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग सड़क छोड़ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। मनसा देवी रेलवे फाटक पर प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग जाम कर दिया, जिसके चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

इस बीच शिवाजी नगर में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्षद सुरेंद्र सिंह नेगी और अभिनव सिंह मलिक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर लोगों ने अपनी आपत्तियां और आशंकाएं खुलकर रखीं।

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वन भूमि पर वर्षों से कब्जे को लेकर की जा रही कार्रवाई से लोगों में गुस्सा चरम पर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “जान जाए पर जमीन हाथ से न जाए।” रेल ट्रैक पर बैठे प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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रेल मार्ग जाम होने के कारण कोच्चिवली से आने वाली और योगनगरी स्टेशन से जाने वाली गंगानगर एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही। इसके अलावा अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता नजर आया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वन विभाग और जिला प्रशासन को खाली पड़ी वन भूमि का सर्वे कर उसे कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं आदेशों के तहत वन विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।

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प्रदर्शनकारियों ने जल्द ही एक विशाल जनसभा आयोजित कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल को जनसंवाद के लिए आमंत्रित करने का ऐलान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से विशेष सत्र बुलाकर वन भूमि पर बसे लोगों को विशेष कानून के तहत अधिकार देने की मांग भी की गई है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रशासन सतर्क है।

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