Uttarakhand: कक्षा में पढ़ाई के दौरान छात्र पर गिरा छत का पंखा, सिर फटा… स्कूल में मची अफरा-तफरी

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रुद्रपुर। शहर के एएनझा इंटर कॉलेज में शनिवार को लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पढ़ाई के दौरान अचानक छत पर लगा पंखा टूटकर दो छात्रों पर गिर पड़ा। हादसे में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरा छात्र भी चोटिल हो गया। घटना के बाद पूरे विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्र के सिर से खून बहता देख सहपाठी घबरा गए और शिक्षकों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार प्रीत विहार कॉलोनी निवासी कक्षा नौ का छात्र संगम शनिवार को नियमित रूप से विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। पांचवें पीरियड में शिक्षक कक्षा में पढ़ा रहे थे। इसी दौरान छत पर लगा पंखा अचानक अपनी फिटिंग से उखड़कर सीधे संगम के सिर पर आ गिरा। पंखे की जोरदार चोट से उसके सिर में गहरी चोट आई और खून बहने लगा। उसके पास बैठा छात्र वैष्णव भी पंखे की चपेट में आकर घायल हो गया।

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अचानक हुए इस हादसे से पूरी कक्षा में चीख-पुकार मच गई। सहपाठी अपनी सीटों से उठकर बाहर भागने लगे, जबकि शिक्षकों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए घायल छात्रों को प्राथमिक सहायता दी। शिक्षक एम.एम. जोशी गंभीर रूप से घायल संगम को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसके सिर पर टांके लगाए। दूसरे घायल छात्र का भी उपचार किया गया।

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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पंखे को थामने वाली लोहे की रॉड या उसकी फिटिंग कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने की आशंका भी जताई जा रही है। घटना के बाद विद्यालय में लगे अन्य पंखों और विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजपति बिंद ने बताया कि हादसा नए भवन में संचालित कक्षा नौ-डी में हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन जर्जर नहीं है, लेकिन पंखा गिरने की घटना गंभीर है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पंखे की रॉड कमजोर थी या उसका कोई बोल्ट निकल गया था। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तकनीकी खामी सामने आएगी, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूल भवन, पंखों, बिजली की फिटिंग और अन्य उपकरणों का नियमित निरीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

यह हादसा भले ही बड़े नुकसान में नहीं बदला, लेकिन इसने विद्यालयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर गंभीर संकेत जरूर दे दिए हैं। यदि समय रहते पंखों और अन्य उपकरणों की जांच नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।

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