मुख्यमंत्री धामी ने खेल विभाग की समीक्षा बैठक में दिए बड़े निर्देश, राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप बनेगी नई राज्य खेल नीति, 2027 राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां अभी से शुरू
देहरादून। उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसलों की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति मिले, ताकि उनका अनुभव नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के काम आ सके।
गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति को राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप तैयार किया जाए, जिससे उत्तराखंड में खेलों के विकास को नई दिशा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नई नीति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि खिलाड़ियों की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।
अगले माह से शुरू होगा गोलापार खेल विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र हर हाल में शुरू कराया जाए। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश में खेल शिक्षा और खेल विज्ञान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि विश्वविद्यालय में सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कैफेटेरिया, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, सेमिनार हॉल, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल मैदान, हॉकी मैदान, आठ लेन एथलेटिक्स ट्रैक सहित 39 आधुनिक अवसंरचना परियोजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। यह उत्तराखंड का पहला और देश का दसवां राज्य खेल विश्वविद्यालय होगा।
2027 राष्ट्रीय खेलों की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल-2027 में पहले से बेहतर प्रदर्शन करना है। इसके लिए अभी से सभी खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू किए जाएं। खेल संघों के सहयोग से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करना है।
38वें राष्ट्रीय खेलों की विरासत का बेहतर उपयोग होगा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित किए गए खेल ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ के खेल परिसरों में तैयार सुविधाओं का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जाए और खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण के लिए उनका प्रभावी उपयोग हो। उन्होंने कहा कि इन परिसरों के रखरखाव के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार खेल सुविधाएं लंबे समय तक खिलाड़ियों के काम आ सकें।
‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अब तक 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10 मिनी स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। अन्य प्रस्तावित स्टेडियमों के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
हर जिले में विकसित होगी खेल नर्सरी
मुख्यमंत्री ने एक जिला-एक खेल (ओडीओएस) योजना को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में निर्धारित खेलों के लिए प्रशिक्षण, प्रतिभा खोज और प्रतियोगिताओं की मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही जिला खेल छात्रावासों को संबंधित खेलों की नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए, ताकि गांव और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
29 खिलाड़ियों को मिल चुकी है सरकारी नौकरी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष पात्र खिलाड़ियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
देश का पहला महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज भी होगा शुरू
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि लोहाघाट में देश का पहला महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज तेजी से तैयार किया जा रहा है। कॉलेज के संचालन के लिए 16 पद सृजित किए जा चुके हैं और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
खिलाड़ियों के सपनों को साकार करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी तक गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं पहुंचाना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन खिलाड़ियों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए, ताकि उत्तराखंड खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, संयुक्त निदेशक शक्ति सिंह, उप निदेशक नीरज गुप्ता, सहायक निदेशक राजेश ममंगाई सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

