बागेश्वर। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। शिवालय मंदिर के पास सरयू नदी से पानी भरने गई एक महिला की आंखों के सामने उसका सात वर्षीय बेटा तेज बहाव में बह गया। देखते ही देखते मासूम नदी की उफनती धारा में ओझल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, राकेश (7 वर्ष) अपनी मां कमला देवी के साथ सरयू नदी से पानी भरने गया था। नदी किनारे पानी भरते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे तेज बहाव में जा गिरा। मां कुछ समझ पाती, उससे पहले ही नदी की तेज धारा मासूम को अपने साथ बहाकर ले गई।
मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थानीय युवक रोशन गड़िया ने बिना अपनी जान की परवाह किए तत्काल नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने करीब 50 मीटर तक बहाव के साथ बच्चे को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सरयू नदी की तेज धारा के कारण वह मासूम तक नहीं पहुंच सके।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में खोज अभियान शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक बच्चे का कोई पता नहीं चल सका था और तलाश लगातार जारी थी।
परिजनों ने बताया कि राकेश कक्षा दो का छात्र था। उसके पिता नारायण सिंह निजी नौकरी करते हैं। परिवार मूल रूप से लाहुर गांव का रहने वाला है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए इन दिनों कपकोट में किराये के मकान में रह रहा है। राकेश से बड़ी उसकी एक बहन भी है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

