देहरादून। प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह की ओर से सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्कूलों के समय में बदलाव करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
15 अप्रैल को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के फैसलों के आधार पर जारी आदेशों में साफ कहा गया है कि सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर ‘वाटर बेल’ बजाई जाए, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन से बच सकें। साथ ही हर स्कूल में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
गर्मी से बचाव के लिए स्कूलों को कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन रखने, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हीटवेव को देखते हुए बच्चों को जागरूक करने, स्कूल स्तर पर एक्शन प्लान तैयार करने और तेज धूप के दौरान खेलकूद व अन्य बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा गया है।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छुट्टी के बाद छात्र-छात्राओं को समूह में घर भेजा जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में वे एक-दूसरे की मदद कर सकें। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने पर कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव या आंशिक अवकाश जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं।
