केदारनाथ। आस्था और श्रद्धा के अद्भुत माहौल में बुधवार सुबह शुभ मुहूर्त पर विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा केदारपुरी क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने और मंदिर परिसर में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और राज्य व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इस वर्ष बाबा केदार के मंदिर को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगे फूलों से सजे मंदिर और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच धाम का दृश्य बेहद मनोहारी और अलौकिक नजर आया। सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और हर चेहरा भक्ति में डूबा दिखाई दिया।
इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रवाना होकर 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए केदारपुरी पहुंची। जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप से गुजरते हुए मंगलवार शाम डोली धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उसका भव्य स्वागत किया। मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली को भंडार गृह में स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।
डोली के आगमन के दौरान सेना के बैंड और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए और धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार हुआ।
यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों की तैनाती की गई है। स्वास्थ्य, आवास और आपातकालीन सेवाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
