Uttarakhand: 2027 से पहले Gen-Z पर नजर, हल्द्वानी में शंकर कोरंगा की सक्रियता ने बढ़ाई सियासी चर्चा

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हल्द्वानी। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच धामी सरकार में दर्जाधारी मंत्री शंकर कोरंगा ने हल्द्वानी में जेन-जी केंद्रित कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं के बीच संवाद की पहल की है। शीशमहल स्थित रामलीला ग्राउंड में हुए इस आयोजन में रोजगार, शिक्षा, करियर और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की मौजूदगी और युवाओं के सवाल-जवाब ने कार्यक्रम को खास बनाया। अब इस पहल को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।

चुनाव से पहले युवा मतदाताओं पर फोकस, हल्द्वानी बना चर्चा का केंद्र

विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए युवाओं की अपेक्षाएं महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य जैसे मुद्दे युवा मतदाताओं के फैसलों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में जेन-जी को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित करना युवाओं से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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कुमाऊं की राजनीति में हल्द्वानी की अहम भूमिका रही है। यहां युवाओं के बीच संवाद का मंच तैयार करना जनसंपर्क के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस आयोजन को सीधे किसी चुनावी दावेदारी से जोड़ने का फिलहाल कोई ठोस आधार नहीं है, लेकिन 2027 से पहले इसकी राजनीतिक चर्चा जरूर शुरू हो गई है।

धामी और कोश्यारी से नजदीकी के बीच कोरंगा की भूमिका पर नजर

शंकर कोरंगा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का करीबी माना जाता है। धामी सरकार में दर्जाधारी मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे कोरंगा की हल्द्वानी में सक्रियता ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक आकलन किए जा रहे हैं।

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राजनीतिक तौर पर किसी नेता की सक्रियता का आकलन उसके कार्यक्रमों, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर उसकी भागीदारी से भी किया जाता है। ऐसे में कोरंगा का युवाओं के साथ संवाद उनकी सार्वजनिक गतिविधियों का अहम हिस्सा बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह पहल कितनी निरंतर रहती है और क्या इसका विस्तार कुमाऊं के अन्य क्षेत्रों तक भी होता है।

नशामुक्ति से जल संरक्षण तक, इन मुद्दों पर भी सक्रियता

शंकर कोरंगा इससे पहले भी नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2022 में हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया था।

इसके अलावा, राज्य स्तरीय जलागम परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में वह जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, वर्षा जल संचयन और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय रहे हैं। ये मुद्दे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक प्रभाव उनके जमीनी परिणामों से ही स्पष्ट होगा।

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Gen-Z के सवालों पर कितना आगे बढ़ेगा संवाद?

हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम ने युवाओं की समस्याओं और राजनीतिक जनसंपर्क के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी को सामने रखा है। युवा रोजगार, शिक्षा और करियर को लेकर जवाब चाहते हैं, ऐसे में उनके साथ संवाद की पहल तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब सामने आए मुद्दों पर आगे भी काम हो।

फिलहाल, शंकर कोरंगा का यह आयोजन 2027 के चुनाव से पहले प्रदेश के बदलते राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में उनकी गतिविधियां और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पहल यह स्पष्ट करेगी कि यह संवाद एक कार्यक्रम तक सीमित रहता है या व्यापक जनसंपर्क का रूप लेता है।

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