देहरादून। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंडवासियों को लेकर दिए गए कथित बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है। इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे प्रदेश के लोगों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव से अपने बयान पर उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
रामपुर तिराहा कांड की दिलाई याद, सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज भी मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में हुए रामपुर तिराहा कांड को नहीं भूली है। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर उस समय गोलियां चलाई गई थीं। धामी ने अखिलेश यादव के कथित बयान को उत्तराखंड के संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान का अपमान बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद अस्तित्व में आया है। यहां के लोगों की भावनाओं और राज्य आंदोलन के इतिहास का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कांग्रेस से भी अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
कांग्रेस की चुप्पी पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
इस मुद्दे पर भाजपा ने भी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कथित बयान की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वह अपने राजनीतिक सहयोगी के बयान का समर्थन करती है।
प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक विनोद चमोली ने मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव के बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं और राज्य आंदोलन में दिए गए बलिदानों का अपमान है।
चमोली ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान 42 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने मुजफ्फरनगर कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया गया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने मुलायम सिंह यादव की सरकार को बचाया था और इस मामले में सपा तथा कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं से भी जवाब मांगा
विनोद चमोली ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी की ओर से जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर की गई कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि उत्तराखंड से जुड़े इन मुद्दों पर कांग्रेस का रुख क्या है।
भाजपा ने कांग्रेस नेताओं हरीश रावत, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह से भी इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
बयान से प्रदेश की सियासत में बढ़ी हलचल
अखिलेश यादव के बयान को लेकर मुख्यमंत्री धामी और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने इस मुद्दे को राज्य के स्वाभिमान, आंदोलनकारियों के बलिदान और उत्तराखंड की अस्मिता से जोड़ते हुए सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड की जनता अपने संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूलेगी। वहीं, इस विवाद के बीच अखिलेश यादव के कथित बयान और उस पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

