चंदन सिंह जीना के ठिकाने से 12 लग्जरी घड़ियां भी मिलीं, परिवार के खातों में 52.16 लाख रुपये फ्रीज
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की बहुचर्चित परीक्षा धांधली मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व निजी सहायक चंदन सिंह जीना के रायपुर-तपोवन रोड स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान जीना के घर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी कलाई घड़ियां बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
ईडी के अनुसार, जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है। बरामद नकदी, सोना, घड़ियों और फ्रीज की गई बैंक राशि समेत कार्रवाई के दौरान सामने आई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये आंका गया है। ईडी ने जीना का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
32 लाख नकद और 200 ग्राम से ज्यादा सोना
ईडी की तलाशी में चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद हुई। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम वजन के सोने के आभूषण और सिक्के भी मिले। बरामद सोने में 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल बताई गई हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आवास से 12 महंगी कलाई घड़ियां भी बरामद हुई हैं। इनमें रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफाइस जैसे ब्रांड की घड़ियां शामिल हैं। बरामद सामान की कीमत और उसके स्रोत को लेकर भी जांच की जा रही है।
खातों में मिले 52.16 लाख, ईडी ने किया फ्रीज
तलाशी के दौरान ईडी को जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में कुल 52.16 लाख रुपये का बैलेंस मिला। एजेंसी ने इस रकम को फ्रीज करा दिया है। जांच का मुख्य फोकस अब यह पता लगाने पर है कि यह धनराशि कहां से आई और इसका UKSSSC परीक्षा धांधली से कथित तौर पर क्या संबंध है।
ईडी ने जीना का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है। मोबाइल से प्राप्त डिजिटल जानकारी की फोरेंसिक जांच के जरिए कथित लेन-देन, संपर्कों और परीक्षा धांधली से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
2016 की VPDO परीक्षा से जुड़ा है मामला
पूरा मामला UKSSSC की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित धांधली से जुड़ा है। इस मामले की शुरुआती जांच विजिलेंस ने की थी। बाद में वर्ष 2023 में जांच उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई।
STF की जांच के दौरान UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
कई ठिकानों पर एक साथ पहुंची ED की टीमें
इसी जांच के तहत बृहस्पतिवार को ईडी ने उत्तराखंड में कई स्थानों पर विशेष तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी की टीमें आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएसएस रावत, सचिव आरएस कन्याल, परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया और परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े अधिकारियों के ठिकानों तक पहुंचीं।
जांच के दौरान सामने आई कथित मनी ट्रेल के आधार पर ईडी की टीम चंदन सिंह जीना के आवास तक भी पहुंची। एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा धांधली से कथित तौर पर अर्जित रकम का इस्तेमाल अलग-अलग माध्यमों से किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री के OSD भी रह चुके हैं जीना
चंदन सिंह जीना का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल के दौरान उनके कार्यालय से जुड़े रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जीना वर्ष 2014 से 2017 तक पूर्व मुख्यमंत्री के OSD भी रह चुके हैं और बाद में निजी सहायक के तौर पर भी जुड़े रहे।
हालांकि, ईडी की कार्रवाई का आधार UKSSSC परीक्षा धांधली से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच है। एजेंसी अब बरामद नकदी, सोने, महंगी घड़ियों और बैंक खातों में मिली रकम के स्रोत तथा कथित परीक्षा घोटाले से इनके संबंधों की जांच कर रही है।
मनी ट्रेल खंगालने में जुटी जांच एजेंसी
ईडी की इस कार्रवाई के बाद UKSSSC परीक्षा धांधली मामले में जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर परीक्षा धांधली से जुटाई गई रकम किन लोगों तक पहुंची, उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
