ओखलकांडा (नैनीताल)। विकासखंड ओखलकांडा की ग्राम सभा हैड़ाखान में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। हैड़ाखान के तल्ला खेत निवासी पुष्पा सुयाल पत्नी हरीश सुयाल की पहाड़ी से अचानक गिरे बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के समय वह घर के समीप जंगल में घास काटने गई थीं। अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने से वह इसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे की खबर पूरे क्षेत्र में फैलते ही ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र के बीडीसी सदस्य मुकेश परगाई ने बताया कि पुष्पा सुयाल रोजमर्रा की तरह घर के पास जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान अचानक पहाड़ी से बोल्डर नीचे आ गिरा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह पत्थर की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने घटना के बाद उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने तत्काल जिलाधिकारी से वार्ता कर डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि परिजनों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसलिए पोस्टमार्टम की कार्रवाई घटनास्थल पर ही कराई जाए। साथ ही उन्होंने मृतका के परिवार को नियमानुसार आपदा मद से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मंत्री के निर्देश के बाद डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।
पुष्पा सुयाल अपने पीछे पति, दो पुत्र, एक पुत्री और सास-ससुर समेत पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवार के लिए यह हादसा बेहद गहरा आघात है। बताया गया है कि मृतका के एक पुत्र का अग्निवीर में चयन हुआ है। जिस घर में बेटे के भविष्य को लेकर खुशियां थीं, वहां अचानक मातम पसर गया।
घटना के बाद पूरे हैड़ाखान क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और प्रशासन को पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं, ग्राम प्रधान प्रकाश थुवाल, बीडीसी सदस्य मुकेश परगाई और ओखलकांडा ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष मदन परगाई ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के दौरान बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में संवेदनशील पहाड़ियों और रास्तों को चिह्नित कर स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
