Uttarakhand: मौसम का यू-टर्न…छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पिथौरागढ़ में 23 सड़कें बंद, चीन सीमा की घाटियां अलग-थलग

खबर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और घने बादलों का दौर जारी है, तो ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के हिमपात ने ठंड बढ़ा दी है। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं भूस्खलन ने आवाजाही रोक दी है। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जहां बारिश के कारण 23 सड़कें बंद हैं और चीन सीमा से लगे कई इलाकों का संपर्क लगातार तीसरे दिन प्रभावित है।

इधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही सभी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है।

पिथौरागढ़ में बारिश बनी आफत, 23 सड़कें बंद

सीमांत पिथौरागढ़ जिले में रविवार को दिनभर तेज बारिश होती रही और रात में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार बारिश के कारण जिले में 23 सड़कें बंद हो गई हैं। सड़क मार्ग बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित है। हालात को देखते हुए सोमवार को जिले में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: सहकारी समितियों के चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक, पुरानी नियमावली से कराने के आदेश

बारिश का असर चीन सीमा से लगे इलाकों पर भी पड़ा है। सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले कई मार्गों के बाधित होने से सीमांत घाटियों में रहने वाली आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

चीन सीमा से तीसरे दिन भी संपर्क भंग

कूलागाड़ के पास हाईवे बंद होने से व्यास, दारमा और चौदास घाटियां मुख्य मार्ग से कट गई हैं। इन इलाकों में करीब 35 हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। सड़क बंद होने से जरूरी सामान की आपूर्ति और आवाजाही पर भी असर पड़ा है।

उधर, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पांच स्थानों पर बंद है। प्यलसीती के पास सड़क बह जाने से मार्ग बाधित हो गया है, जबकि नारायण आश्रम जाने वाला मार्ग भी लगातार दूसरे दिन बंद रहा। इससे सीमांत क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने की चुनौती बढ़ गई है।

मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद, 13 गांवों का संपर्क कटा

बारिश और भूस्खलन का असर मुनस्यारी क्षेत्र में भी देखने को मिला है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद होने के कारण मल्ला जोहार घाटी के 13 गांवों समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को आवाजाही के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत एवं सड़क बहाली के काम में भी बाधाएं सामने आ रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: मेगा हेल्थ कैंप में 519 लोगों को मिली विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, कैंसर स्क्रीनिंग से आयुष्मान कार्ड तक एक ही छत के नीचे सुविधाएं

पंचाचूली समेत ऊंची चोटियों पर हिमपात

बारिश के बीच सीमांत जिले की ऊंची चोटियों पर मौसम का अलग रंग देखने को मिला। पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की चोटियों पर सुबह हल्का हिमपात दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात के कारण तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ने लगी है।

चमोली जिले में भी हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर हल्का हिमपात हुआ। बारिश और बर्फबारी के इस दौर ने पहाड़ों में मौसम को ठंडा कर दिया है।

नैनीताल में 24 घंटे से बारिश, ग्रामीण सड़कें प्रभावित

सरोवर नगरी नैनीताल में भी बीते करीब 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। झील का जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए निकासी द्वार करीब एक सप्ताह से खुले हुए हैं। लगातार वर्षा के कारण जिले की करीब 23 ग्रामीण सड़कें आवाजाही के लिए बंद हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसके चलते कई सड़क मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों और यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

देहरादून में बादल छाए, दोपहर बाद निकली हल्की धूप

राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में रविवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ीं, जबकि दोपहर बाद कुछ समय के लिए हल्की धूप खिली। धूप निकलने के बाद वातावरण में उमस महसूस की गई।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: गोरापड़ाव लूटकांड में पुलिस जांच तेज, CCTV और CDR से आरोपियों की तलाश

मैदानी क्षेत्रों में बारिश का जोर अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के कारण सड़क और संपर्क मार्गों पर दबाव बना हुआ है।

छह जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने बारिश के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर तीव्र से अति तीव्र हो सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पहाड़ में मौसम की दोहरी चुनौती

उत्तराखंड में मौजूदा मौसम ने एक ओर जहां ऊंची चोटियों पर हिमपात के साथ ठंड बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश ने सड़क संपर्क को चुनौती दी है। पिथौरागढ़ में चीन सीमा से लगी घाटियों का संपर्क टूटना और नैनीताल समेत कई जिलों में ग्रामीण सड़कों का बंद होना इसकी गंभीरता को दर्शाता है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page