हल्द्वानी: गोरापड़ाव में नकाबपोश बदमाशों द्वारा खुद को SOG कर्मचारी बताकर लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में नैनीताल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। मामले के जल्द खुलासे के लिए करीब 40 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
SSP ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से दोबारा जानकारी ली और वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने जांच टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभावित पहलू पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अब वारदात के दौरान इस्तेमाल किए गए रास्तों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की CDR और लोकेशन की भी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के साथ जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए BDS, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। टीम ने मौके से संभावित भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित करने के साथ वारदात के क्रम को समझने के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच में SP Crime, SP City Haldwani, CO Haldwani, CO Lalkuan, थाना प्रभारियों के साथ SOG, ADTF, Cyber Team और Crime Specialists को शामिल किया गया है। विशेष टीम की कमान SP City मनोज कत्याल को दी गई है, जबकि CO अमित सैनी को सह-प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच की जा रही है। पुलिस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी को CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मिलाकर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
SSP ने जांच टीमों को मामले का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
