रामनगर (नैनीताल)। प्रदेश सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ अभियान के तहत रामनगर उप जिला चिकित्सालय सोमवार को जनस्वास्थ्य का बड़ा केंद्र बन गया। यहां आयोजित वृहद स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया और विभिन्न स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया। शिविर में 519 लोगों का पंजीकरण हुआ, जबकि मरीजों को हड्डी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, ईएनटी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित कई विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना रहा। सुबह से ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों ने शिविर का लाभ उठाया।
जनप्रतिनिधियों ने किया शुभारंभ
स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री दिनेश मेहरा, जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, संजय बिष्ट, आशा बिष्ट, अजय पाल, नवीन करगेटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन पर जोर दिया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर का निरीक्षण मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन शर्मा एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. बिष्ट ने किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रत्येक मरीज को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.एस. खोलिया, मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि कोहली तथा ईएनटी सर्जन डॉ. दिलीप वार्ष्णेय सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया। इससे ऐसे मरीजों को विशेष राहत मिली, जिन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

एक ही छत के नीचे मिली कई स्वास्थ्य सेवाएं
शिविर में मरीजों के लिए विभिन्न प्रकार की जांच एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, टीबी स्क्रीनिंग, सर्वाइकल एवं ओरल कैंसर की जांच, एक्स-रे, विभिन्न पैथोलॉजी जांच, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत कार्ड, आभा आईडी निर्माण और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
आंकड़ों में स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य शिविर में कुल 519 लोगों का पंजीकरण किया गया। इनमें 290 लोगों की ब्लड शुगर, 285 लोगों का ब्लड प्रेशर, 225 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 125 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, 120 लोगों की हीमोग्लोबिन जांच, 130 लोगों की एलएफटी/केएफटी सहित अन्य रक्त जांच, 15 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तथा 58 लोगों के एक्स-रे किए गए। इसके अलावा दो दिव्यांग प्रमाण पत्र, 20 आयुष्मान भारत कार्ड और 118 आभा आईडी भी बनाई गईं।
सीएमओ बोलीं— हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य लोगों को उनके घर के निकट समग्र, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए जिलेभर में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद लोगों को सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में डॉ. दीपा आर्य, डॉ. संदीप पांगती, आकाशा बनकोटी, डॉ. मीनाक्षी गुरानी, मनोज सती, रवि कुमार, मनमोहन रमोला, पवन तिवारी, राजीव बदलाकोटी, रीता और दीवान बिष्ट सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

