गोपेश्वर। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण में गिरफ्तार बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की कस्टडी रिमांड की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
यह मामला उस समय सामने आया था जब बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई। इसके बाद मंदिर समिति और पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई संदिग्ध गतिविधियां
पुलिस जांच के अनुसार, दो जुलाई को थाली भेंट गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल कई बार नकदी और अन्य भेंट सामग्री को मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा अपनी जेब में रखकर बाहर ले जाता दिखाई दिया। जांच में यह भी सामने आया कि वह अलग-अलग समय पर नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट गणना कक्ष से बाहर ले गया।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे उसे देहरादून स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली में कर्मचारियों से कराया आमना-सामना
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बदरीनाथ कोतवाली लाया गया, जहां सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले अन्य कर्मचारियों के साथ उसका आमना-सामना कराया गया। पुलिस ने आरोपी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए तथा घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की।
पुलिस को आरोपी के पास से शालिग्राम की एक मूर्ति और मंदिर समिति का एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है। बरामद लैपटॉप को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने में जमा करा दिया है। हालांकि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
आंतरिक जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की शुरुआत 8 जुलाई को हुई, जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली बदरीनाथ में तहरीर देकर वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि दो जुलाई को थाली भेंट की गणना के दौरान गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर आंतरिक जांच समिति गठित की गई थी।
प्रारंभिक जांच में प्रमोद नौटियाल पर गणना कक्ष से नकदी और अन्य भेंट सामग्री निजी लाभ के लिए ले जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चोरी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
एसआईटी कर रही हर पहलू की जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
सोमवार को मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया।

