Uttarakhand: मां की ममता को तरसा नवजात, अस्पताल में भर्ती बच्चे ने चौथे दिन तोड़ा दम, प्रसव के बाद महिला लापता

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ऋषिकेश। एक नवजात, जिसने जन्म के बाद मां की गोद का इंतजार किया, लेकिन उसे अस्पताल के वार्ड में अकेले ही जिंदगी की जंग लड़नी पड़ी। ऋषिकेश के राजकीय उप जिला चिकित्सालय में प्रसव के बाद एक महिला अचानक अस्पताल से चली गई। मां के बिना अस्पताल में भर्ती नवजात की शनिवार को मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि महिला ने अस्पताल में भर्ती होते समय अपनी पहचान से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए थे। अस्पताल में दर्ज कराया गया मोबाइल नंबर भी कथित तौर पर गलत निकला। पुलिस अब महिला की पहचान और उसके अस्पताल से जाने के कारणों की जांच कर रही है।

1 सितंबर को प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंची थी महिला

जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर को प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला किसी व्यक्ति के साथ राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंची थी। चिकित्सकों ने महिला को तत्काल भर्ती किया, जहां उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बेटे को जन्म दिया।

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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नवजात का वजन करीब 1 किलो 700 ग्राम था। बच्चे की आंतों में संक्रमण भी बताया गया है। जन्म के बाद नवजात को अस्पताल में उपचार और निगरानी में रखा गया।

3 सितंबर को बच्चे को छोड़कर चली गई महिला

बताया जा रहा है कि प्रसव के करीब दो दिन बाद 3 सितंबर को महिला अस्पताल प्रशासन को बिना बताए वार्ड से चली गई। वह अपने नवजात बच्चे को अस्पताल में ही छोड़ गई। इसके बाद बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनकर वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल के काउंटर पर इसकी जानकारी दी। अस्पताल प्रशासन ने महिला की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अस्पताल कर्मचारियों ने महिला को तलाशने का प्रयास किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी।

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मां की तलाश में जुटी पुलिस, मोबाइल नंबर भी निकला फर्जी

पुलिस के अनुसार अस्पताल में महिला ने जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया था, वह मेरठ के किसी व्यक्ति का निकला, जिसने पुलिस को बताया कि वह महिला को जानता तक नहीं है। प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के अनुसार पुलिस मामले की जांच कर रही है। अस्पताल पहुंचकर पुलिस ने महिला की पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल में महिला की पहचान से संबंधित कोई पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिला। अब पुलिस महिला की पहचान और उसके संभावित ठिकाने का पता लगाने के प्रयास में जुटी है।

कम वजन और संक्रमण से जूझ रहा था नवजात

राजकीय उप जिला चिकित्सालय के CMS डॉ. आनंद सिंह राणा ने बताया कि महिला प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंची थी। पहचान संबंधी दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण किसी जरूरतमंद को उपचार से वंचित नहीं किया जा सकता। इसी वजह से महिला को तत्काल भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया था।

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उन्होंने बताया कि नवजात का वजन काफी कम था और उसका वजन करीब 1.7 किलोग्राम था। बच्चे की आंतों में संक्रमण भी था। महिला के अस्पताल से चले जाने के बाद नवजात अस्पताल की निगरानी में था, लेकिन शनिवार को उसकी मौत हो गई।

महिला की तलाश में जुटी पुलिस

नवजात की मौत के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई है। अब पुलिस अस्पताल में दर्ज विवरण, मोबाइल नंबर और महिला के साथ अस्पताल पहुंचे व्यक्ति समेत अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रसव के बाद महिला अपने नवजात बच्चे को अस्पताल में छोड़कर क्यों चली गई और उसकी वास्तविक पहचान क्या है? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।

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