10 स्वास्थ्य शिविरों में 468 लोगों की जांच, 10 मरीज अस्पताल में भर्ती, आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर बांटे 168 ओआरएस पैकेट
नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे स्वास्थ्य संबंधी मामलों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य शिविर, मरीजों की पहचान और जल गुणवत्ता की निगरानी के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने 1,142 घरों का सर्वे पूरा कर लिया है। इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के इस्तेमाल, व्यक्तिगत स्वच्छता और जल जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। जरूरतमंद लोगों को 168 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं।
43 मरीज चिन्हित, 10 अस्पताल में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ज्योलीकोट क्षेत्र में अब तक 43 मरीज चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 10 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की पहचान के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
10 स्वास्थ्य शिविरों में 468 लोगों की जांच
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 10 स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 468 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच के साथ आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी प्रदान की जा रही है।
अब तक लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है—
- सड़ियाताल — 1 शिविर
- बेलवाखान — 2 शिविर
- ज्योलीकोट — 3 शिविर
- मनौरा — 1 शिविर
- छीड़ा/बीरभट्टी — 1 शिविर
- भल्यूटी — 1 शिविर
- बल्दियाखान — 1 शिविर
घर-घर पहुंचकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी जुटा रही हैं। ग्रामीणों को दूषित पानी के सेवन से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
इसके साथ ही हाथों की स्वच्छता, भोजन को ढककर रखने, आसपास सफाई बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
जल गुणवत्ता की भी निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। घर-घर सर्वे, मरीजों की पहचान, जांच, स्वास्थ्य शिविरों और जल गुणवत्ता की निगरानी के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की भी नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग की टीमें आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की लोगों से अपील
डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का ही सेवन करें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त, बुखार, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण सामने आने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
