देहरादून/श्रीनगर। एक बकरी की मौत के बाद उसके मांस को पकाकर खाना सिरोला गांव के लोगों को भारी पड़ गया। मलेथा के पास स्थित कीर्तिनगर ब्लॉक के सिरोला गांव में मृत बकरी का मांस खाने के बाद दो दर्जन से अधिक लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई। किसी को उल्टी-दस्त शुरू हुए तो किसी ने पेट दर्द और घबराहट की शिकायत की। सबसे ज्यादा चिंता तब बढ़ी जब बीमारों में छोटे बच्चे भी शामिल पाए गए।
मांस खाने के कुछ ही घंटे बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य पेट खराब होने की समस्या समझा, लेकिन जब एक के बाद एक कई लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आने लगे तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद बीमार लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया।
पहले बकरी मरी, फिर एक साथ बीमार पड़ने लगे लोग
जानकारी के मुताबिक सिरोला गांव में हाल ही में एक बकरी की मौत हो गई थी। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर मृत बकरी का मांस पकाया और उसका सेवन किया। बताया जा रहा है कि मांस खाने के कुछ घंटों बाद ही लोगों की तबीयत खराब होने लगी।
उल्टी, दस्त, पेट दर्द, घबराहट और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगे। जब एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की जानकारी गांव में फैली तो हड़कंप मच गया। परिजन अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े।
बच्चों में डायरिया के गंभीर लक्षण
इस घटना में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भी प्रभावित हुए हैं। बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
बच्चों में डायरिया के गंभीर लक्षण सामने आने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं, अन्य मरीजों को भी आसपास के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
डॉक्टर की चेतावनी- मरे पशु का मांस खाना पड़ सकता है भारी
घटना के बीच चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने लोगों को गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मरे किसी भी पशु के मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मृत पशु के शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया और संक्रमणकारी तत्व तेजी से पनप सकते हैं। ऐसे मांस का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।
उल्टी-दस्त शुरू हों तो न करें देरी
डॉक्टर ने लोगों को आगाह किया है कि यदि संदिग्ध मांस खाने के बाद उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार, अत्यधिक कमजोरी या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे मामूली समस्या समझकर घर पर इलाज करने में समय न गंवाएं।
खासकर बच्चों में लगातार उल्टी-दस्त होने पर डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में तुरंत अस्पताल पहुंचाना और चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
सिरोला गांव में एक साथ दो दर्जन से अधिक लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मृत बकरी का मांस कितने लोगों ने खाया, कितने लोग प्रभावित हुए और बीमारी की वास्तविक वजह क्या है—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
