स्वास्थ्य शिविरों से लेकर गांवों की निगरानी तक बढ़ाई गई सक्रियता, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की टीम और अतिरिक्त चिकित्सक भी तैनात
नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और संभावित संक्रमण पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर बल्दिया खान और बेलवाखान क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं। साथ ही लोगों को जल जनित रोगों से बचाव, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल को लेकर जागरूक किया गया।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में ज्योलीकोट में 68, बल्दिया खान में 20 और बेलवाखान में 21 लोगों, यानी कुल 109 लोगों की जांच की गई। विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर संदिग्ध मामलों की पहचान और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।
लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट को शाम 5 बजे तक खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र में लोगों की चिकित्सकीय जांच के अलावा आवश्यकता के अनुसार लैब जांच और दवा वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या बीमारी के लक्षण सामने आने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाएं बढ़ाई हैं।
क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में उपचार और भर्ती की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए पीएचसी ज्योलीकोट में चार अतिरिक्त बेड भी बढ़ाए गए हैं। इससे जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और निगरानी के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणेश धर्मसत्तू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके समन्वय में स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
वहीं, सर्विलेंस टीम द्वारा गांवों और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण किया जा रहा है। टीमों का फोकस संदिग्ध मरीजों की पहचान, समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है। विभाग की ओर से क्षेत्र में किसी भी संभावित मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी की टीम को भी ज्योलीकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय सेवाओं के लिए तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी की रोकथाम के लिए उपचार के साथ-साथ जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया है। क्षेत्र के विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को जल जनित रोगों से बचाव, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छ पेयजल के इस्तेमाल, हाथों की नियमित स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर देरी किए बिना स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराने की सलाह दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति में जल जनित रोगों के लक्षण पाए जाने पर तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए क्षेत्र के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
