114 घरों का सर्वे, 206 लोगों की जांच…PHC ज्योलीकोट में 92 मरीज देखे गए, 11 भर्ती
नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। क्षेत्र में बीमारी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य शिक्षा और उपचार की कार्रवाई कर रही हैं।
इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जनपद के सभी निजी चिकित्सालयों को जल जनित रोगों से संबंधित भर्ती मरीजों की दैनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत भर्ती मरीजों की सूचना भी प्रतिदिन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रवासियों को उनके नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में निजी चिकित्सालयों के फिजिशियन एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 09 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल, 10 सितंबर को उजाला सिग्नस, 11 सितंबर को साई हॉस्पिटल, 12 सितंबर को सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, 13 सितंबर को चंदन हॉस्पिटल तथा 15 सितंबर को पुनः उजाला सिग्नस के विशेषज्ञ चिकित्सक पीएचसी ज्योलीकोट में मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देंगे।
डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ लें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लें।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ज्योलीकोट क्षेत्र में 114 घरों का सर्वेक्षण किया। इस दौरान लोगों को जल जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई और आवश्यक स्क्रीनिंग की गई। बीमार पाए गए लोगों को चिकित्सालय जाकर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लेने की सलाह दी गई। आवश्यकता के अनुसार टीमों द्वारा ओआरएस एवं जिंक का वितरण भी किया गया।
क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में आज 206 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 92 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 11 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के लिए भर्ती किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलीकोट, भल्यूटी एवं चोपड़ा क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य शिक्षा के साथ आवश्यक उपचारात्मक सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
निजी चिकित्सालयों से रोजाना रिपोर्ट लिए जाने से स्वास्थ्य विभाग को जल जनित रोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी। विभाग का प्रयास है कि बीमारी के संभावित प्रसार को समय रहते नियंत्रित किया जा सके और प्रभावित लोगों को जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया, स्वतिशील गुरानी, नंदन कांडपाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
