गोविंद मेहता की हैट्रिक, 238 समितियों में निर्विरोध चुनाव, पूर्व चेयरमैन भरत नेगी की हार ने चौंकाया
लालकुआं (नैनीताल)। नैनीताल दुग्ध संघ की 245 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के चुनाव में कहीं सहमति की मुहर लगी तो कहीं मुकाबले ने पुराने समीकरणों को हिला दिया। चुनाव परिणाम सामने आते ही सहकारिता के गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा मुकेश बोरा की लगातार 12वीं निर्विरोध जीत और पूर्व चेयरमैन भरत सिंह नेगी की हार की हो रही है। वहीं गोविंद सिंह मेहता ने भी लगातार तीसरी बार निर्विरोध जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम रखा।
दुग्ध समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में अधिकांश जगह मुकाबले की नौबत ही नहीं आई। 245 में से 238 समितियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्विरोध चुन लिए गए, जबकि सात समितियों में चुनाव कराया गया। शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई प्रक्रिया के बाद विजेताओं के समर्थकों में खासा उत्साह नजर आया।
1996 से जारी है बोरा का ‘निर्विरोध सफर’
इस चुनाव में सबसे खास रिकॉर्ड नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा के नाम रहा। उन्होंने च्यूरीगाड़ दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से अध्यक्ष पद पर लगातार 12वीं बार निर्विरोध जीत हासिल की।
बताया गया कि बोरा का यह सिलसिला वर्ष 1996 से लगातार जारी है। यानी करीब तीन दशक से समिति की राजनीति में उनका दबदबा कायम है। हर चुनाव में निर्विरोध चुने जाने का यह रिकॉर्ड इस बार भी बरकरार रहा।
गोविंद मेहता ने लगाई जीत की हैट्रिक
बिंदुखत्ता क्षेत्र में भी चुनावी तस्वीर दिलचस्प रही। दुग्ध संघ के संचालक मंडल सदस्य गोविंद सिंह मेहता ने बिंदुखत्ता रावत नगर सेकेंड दुग्ध समिति से अध्यक्ष पद पर तीसरी बार निर्विरोध जीत दर्ज की। मेहता की लगातार तीसरी निर्विरोध जीत ने भी समिति में उनकी मजबूत पकड़ को सामने ला दिया है।
दीपा रैकवाल और हेमा पड़ियाड भी जीतीं
दुग्ध संघ के संचालक मंडल से जुड़े चेहरों ने भी समितियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दीपा रैकवाल भगवतपुर दुग्ध समिति से अध्यक्ष निर्वाचित हुईं, जबकि हेमा पड़ियाड ने वुडाधुरा दुग्ध समिति से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं बिंदुखत्ता टूटी पुलिया दुग्ध समिति से नवीन पपोला अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
पूर्व चेयरमैन भरत नेगी को बड़ा झटका
चुनाव के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में बोरिंग पट्टा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का परिणाम रहा। यहां नैनीताल दुग्ध संघ के पूर्व चेयरमैन भरत सिंह नेगी को अध्यक्ष पद के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
उनके सामने मैदान में उतरे जगदीश पंत ने बाजी मार ली और अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। पूर्व चेयरमैन की हार ने दुग्ध संघ से जुड़े सहकारिता के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। इसे पुराने समीकरणों में बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
कहीं मुकाबला, कहीं सर्वसम्मति
245 समितियों के चुनाव की सबसे दिलचस्प तस्वीर यह रही कि ज्यादातर जगह चुनावी टकराव की स्थिति बनी ही नहीं। 238 समितियों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ। केवल सात समितियों में प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ।
निर्विरोध निर्वाचन को समिति सदस्यों के बीच आपसी सहमति और समन्वय के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव के बाद विभिन्न समितियों में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के स्वागत का दौर भी शुरू हो गया है। कहीं फूल-मालाओं से स्वागत हुआ तो कहीं समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।
अब नजर दुग्ध संघ के अगले समीकरणों पर
इन चुनावों में एक तरफ मुकेश बोरा और गोविंद सिंह मेहता जैसे पुराने चेहरों ने अपनी पकड़ मजबूत रखी, वहीं पूर्व चेयरमैन भरत सिंह नेगी की हार ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि समितियों के इन नतीजों का आने वाले समय में नैनीताल दुग्ध संघ की राजनीति और सहकारिता के समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा।
