Haldwani: सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, उसका जज्बा और राष्ट्रप्रेम हमेशा जिंदा रहता है: नितिन नवीन

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में सैनिकों के योगदान को देश की सुरक्षा और शांति की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि सैनिक भले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो जाए, लेकिन उसका जज्बा, राष्ट्रप्रेम और देशसेवा की भावना कभी रिटायर नहीं होती।

नितिन नवीन ने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिक यदि आज सुख, शांति और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी रहे हैं तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सीमा पर विपरीत परिस्थितियों में डटे सैनिक हैं। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद पूर्व सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि सैनिक देशवासियों को सुरक्षित जीवन देने के लिए धूप, बारिश, बर्फ और कठिन परिस्थितियों की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी निभाता है।

‘सेना मोदी का परिवार’, जवानों के साथ हर त्योहार मनाते हैं प्रधानमंत्री

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सैनिकों के साथ जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दिवाली और होली जैसे प्रमुख त्योहार भी सैनिकों के बीच जाकर मनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मन देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखंड से जुड़ा हुआ है और सैनिकों के सम्मान तथा कल्याण के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (OROP) को लागू कर मोदी सरकार ने सैनिकों के सम्मान और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का काम किया है। उनके मुताबिक यह निर्णय सैनिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

लाल चौक पर तिरंगे का जिक्र, बोले- अब बदल चुकी है तस्वीर

नितिन नवीन ने अपने कश्मीर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में जब वह राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान श्रीनगर के लाल चौक पहुंचे थे, तब वहां पाकिस्तान का झंडा देखकर उनका सिर शर्म से झुक गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश की सोच और परिस्थितियों में बदलाव आया और आज लाल चौक पर शान से तिरंगा लहराता है।

यह भी पढ़ें 👉  चमोली हिमस्खलन: रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, चार घायलों को एम्स लाने की संभावना

उन्होंने इसे सैनिकों और हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय बताया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश की सीमाओं पर बुनियादी ढांचे के विकास और सड़कों के निर्माण ने भी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का काम किया है।

सीमांत गांव अब ‘अंतिम’ नहीं, देश के ‘प्रथम गांव’

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देखने की सोच में बदलाव किया है। पहले इन्हें देश का ‘अंतिम गांव’ माना जाता था, जबकि अब इन्हें ‘प्रथम गांव’ के रूप में देखने की सोच विकसित की गई है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास केवल स्थानीय लोगों के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

रेजांग ला के शहीदों को किया नमन

नितिन नवीन ने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का उल्लेख करते हुए सैनिकों के अदम्य साहस को याद किया। उन्होंने 1962 के रेजांग ला युद्ध में 13 कुमाऊं के मेजर शैतान सिंह और उनके जवानों के पराक्रम को नमन किया।

उन्होंने कहा कि रेजांग ला में भारतीय सैनिकों ने आखिरी गोली और आखिरी सांस तक लड़ते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। उत्तराखंड की वीरभूमि ने ऐसे अनेक सैनिक देश को दिए हैं, जिनकी वीरता और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

‘देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है उत्तराखंड’

भाजपा अध्यक्ष ने उत्तराखंड की धार्मिक और सैन्य विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। उन्होंने मां नैना देवी, कैंची धाम के नीम करौली बाबा और घोड़ाखाल के गोलू देवता की भूमि को नमन किया।

यह भी पढ़ें 👉  नई आबकारी नीति 2025: उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के पास बंद होंगी शराब की दुकानें

उन्होंने उत्तराखंड को चार धाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सैनिकों की भूमि के रूप में ‘पंचम धाम’ की संज्ञा दिए जाने का भी उल्लेख किया।

नितिन नवीन ने घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से 800 से अधिक छात्र सैनिक अधिकारी बनकर निकल चुके हैं। उन्होंने उत्तराखंड की सैन्य विरासत में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के योगदान को भी याद किया। साथ ही मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

युवाओं को भी कराया जाए सरहद का अनुभव

पूर्व सैनिक सम्मेलन में नितिन नवीन ने एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक परिवारों के बच्चों को तो बचपन से ही सीमा और सैन्य जीवन की परिस्थितियों का अनुभव होता है, लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले युवाओं को भी यह समझना चाहिए कि सीमा पर तैनात सैनिक किन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में ‘सरहद दर्शन’ जैसे कार्यक्रम को शामिल करने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि युवा सीमा क्षेत्रों में जाकर सैनिकों के जीवन, चुनौतियों और राष्ट्र सुरक्षा के महत्व को करीब से समझ सकें।

रक्षा उत्पादन और निर्यात में आत्मनिर्भरता का दावा

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की रक्षा नीति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार देश में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जबकि रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

यह भी पढ़ें 👉  एमबीबीएस छात्रों ने रामलीला मंचन से बांधा समां, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा मेडिकल कॉलेज

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भारत के परमाणु शक्ति बनने का भी उल्लेख किया और कहा कि आज देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उत्तराखंड सरकार के सैनिक कल्याण कार्यों की सराहना

नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सैनिक परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम ऑल वेदर रोड, देहरादून में बन रहे सैन्य धाम और वीर शहीदों की स्मृति में उनके गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने की योजनाओं को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हजारों वीर सैनिकों के नाम अंकित हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवंत रखना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।

मंदिर में पूजा, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि और कार्यकर्ताओं संग चाय पर चर्चा

पूर्व सैनिक सम्मेलन से पहले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हल्द्वानी के बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नितिन नवीन ने हल्दूचौड़ बूथ भाजपा अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के आवास पर पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ‘चाय पर चर्चा’ भी की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्र से जुड़े विषयों पर संवाद किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कर्नल अजय कोठियाल, राम सिंह कैड़ा, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह मेहरा, कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, कैप्टन गंभीर सिंह धामी, शमशेर सिंह बिष्ट सहित कई नेता और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page