उत्तरकाशी आपदा अपडेट: SDRF ने अब तक 70 लोगों को किया रेस्क्यू, 70 लोग लापता, सेना के जवानों के भी बहने की आशंका

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उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी में बादल फटने के बाद आई भीषण आपदा के बीच राहत और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ की टीमें मोर्चा संभाले हुए हैं। भटवाड़ी और गंगोत्री पोस्ट से रवाना हुई रेस्क्यू टीमें जरूरी उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है।

रेस्क्यू टीमों ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से सूचना दी है कि अब तक 60 से 70 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। यह जानकारी आपदा प्रभावित क्षेत्र से मिली है, जहाँ तेज बारिश, मलबा और अवरुद्ध मार्गों के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। एसडीआरएफ की अन्य टीमें भी मार्ग में हैं और जल्द ही वे भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों को और गति देंगी।

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4 की मौत, 70 लापता, कल्प मंदिर मलबे में समाया
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। खीरगंगा नदी में अचानक आए सैलाब ने होटल, घर, होम स्टे और बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है, जबकि प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में समा गया।

अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में चार लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 70 लोग लापता हैं। कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना हुई, हालांकि वहां से किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

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सेना का सराहनीय योगदान
हर्षिल क्षेत्र के एक शिविर से 8–10 भारतीय सेना के जवान लापता बताए जा रहे हैं, बावजूद इसके सेना के अन्य जवान रेस्क्यू कार्यों में लगातार जुटे हैं। यह साहसिक प्रयास स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है।

सरकारी प्रयास और वायुसेना की तैयारी
उत्तराखंड सरकार ने राहत कार्यों को गति देने के लिए तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उत्तरकाशी में तैनात कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड ज़ीरो पर तैनात अधिकारियों से फोन पर सीधे जानकारी ली और निर्देश जारी किए।

राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए भारतीय वायुसेना के चिनूक, एमआई-17 V5, चीता और ALH हेलीकॉप्टर को चंडीगढ़ एयरबेस से तत्परता की स्थिति में रखा गया है। ये हेलीकॉप्टर जरूरत पड़ते ही आवश्यक सामग्री और उपकरणों के साथ उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।

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पीड़ितों के प्रति संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, राहत कार्यों के तहत अब तक 60 लोगों को कोपांग ITBP कैंप और 50 को गंगोत्री स्थानांतरित किया गया है। चार लोगों की मौत और करीब 70 के लापता होने की पुष्टि हुई है। साथ ही 30 होटल और दुकानों के मलबे में समाने की बात सामने आई है।

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