लालकुआं (हल्द्वानी)। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की बुधवार को आयोजित बोर्ड बैठक में दुग्ध संघ के संचालन, दुग्ध उत्पादकों के हित, कर्मचारियों से जुड़े मामलों और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर कई अहम फैसलों पर मंथन हुआ। प्रशासनिक भवन में अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 34 प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे गए, जिन पर सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की। इनमें कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को आवश्यक स्वीकृति के लिए निबंधक के पास भेजने पर सहमति बनी।
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा आगामी 76वें वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन की तैयारियां रहा। अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, तैयारियों और प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निबंधक के समक्ष भेजने को लेकर बोर्ड सदस्यों ने रणनीति पर चर्चा की।
शोकसभा से हुई बैठक की शुरुआत
बोर्ड बैठक की शुरुआत स्वर्गीय किशन सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ हुई। अध्यक्ष, संचालक मंडल के सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई।
अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि विषम परिस्थितियों में दुग्ध संघ शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने स्वर्गीय किशन सिंह बिष्ट के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरण किया जाएगा। बैठक में उनके नाम से नवनिर्मित दुग्ध समिति भवन का निर्माण कराए जाने पर भी सहमति बनी।
दुग्ध उत्पादकों के लिए 2.75 करोड़ की लाभ राशि का प्रस्ताव
बैठक में दुग्ध उत्पादकों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। दुग्ध संघ द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष दुग्ध लाभ राशि को 2 करोड़ 52 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ 75 लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
बोर्ड में इस राशि का भुगतान दीपावली से पूर्व दुग्ध उत्पादकों को किए जाने संबंधी प्रस्ताव को निबंधक के पास भेजने पर सहमति बनी। यदि प्रस्ताव को आवश्यक स्वीकृति मिलती है तो इससे दुग्ध संघ से जुड़े उत्पादकों को त्योहार से पहले लाभ राशि मिलने का रास्ता साफ होगा।
कर्मचारियों को 17 प्रतिशत बोनस/एक्स-ग्रेशिया का प्रस्ताव
बोर्ड बैठक में कर्मचारियों के हित से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने आया। कर्मचारीगण को 17 प्रतिशत बोनस/एक्स-ग्रेशिया दिए जाने के प्रस्ताव को भी निबंधक के पास भेजे जाने पर सहमति बनी।
इसके अलावा दुग्ध संघ में कामगारों सहित करीब 440 श्रमिकों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे दुग्ध संघ के विभिन्न कार्यों में जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
बकाया वसूली पर सख्त रुख, एक सप्ताह का अल्टीमेटम
बैठक में दुग्ध संघ की वित्तीय स्थिति और बकाया राशि की वसूली को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष मुकेश बोरा ने विपणन एवं परिवहनकर्ताओं पर बकाया राशि की वसूली में सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संबंधित परिवहनकर्ता एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करेंगे, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बकाया धनराशि की वसूली में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि बकाया वसूली के मामले में संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संचालन और आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा
बैठक में दुग्ध संघ के नियमित संचालन, कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आगामी कार्ययोजनाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बोर्ड सदस्यों ने प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करने के बाद कई प्रस्तावों को पारित किया।
पारित प्रस्तावों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेजने पर भी सहमति बनी। बोर्ड बैठक में 76वें वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन को लेकर तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में संचालक मंडल सदस्य गोविंद सिंह मेहता, कृष्ण कुमार, आनंद सिंह नेगी, पुष्पा देवी, खष्टी देवी, दीपा देवी, हेमा देवी, दीपा देवी रैक्वाल, सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, वित्त प्रभारी उमेश पठालनी, प्रशासन एवं विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी, पीएंडआई सुभाष बाबू, एफओ शांति कोरंगा, प्रभारी सुरेश चंद्र, स्टोर प्रभारी खलील अहमद समेत दुग्ध संघ के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
