हल्द्वानी। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से हल्द्वानी में पांच दिवसीय मेगा सीएसआर कैंप शुरू किया गया है। भारतीय सेना, स्पार्क मिंडा फाउंडेशन और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कैंप में दिव्यांगजनों को विभिन्न सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
‘सक्षम’ पहल के तहत मां कमली बैंक्वेट हॉल में आयोजित यह कैंप 24 से 28 सितंबर तक चलेगा। कैंप का समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। आयोजकों ने हल्द्वानी, ऊधम सिंह नगर और आसपास के क्षेत्रों के करीब चार हजार दिव्यांगजनों को इस पहल से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
एक ही जगह पर कई सुविधाएं
मेगा कैंप में अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता वाले जरूरतमंदों के लिए कई सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रहे दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, वॉकर, एल्बो क्रच और वॉकिंग स्टिक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सिर्फ उपकरण उपलब्ध कराने तक ही कैंप को सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि लाभार्थियों को उपकरणों की फिटिंग की सुविधा भी दी जा रही है, ताकि सहायक उपकरण उनके लिए उपयोगी और सुविधाजनक तरीके से तैयार किए जा सकें।
श्रवण और नेत्र जांच की भी सुविधा
कैंप में श्रवण संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए श्रवण जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार पात्र लाभार्थियों को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वहीं, दृष्टिबाधित अथवा दृष्टि संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए नेत्र जांच की सुविधा भी रखी गई है। इससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर आवश्यक प्राथमिक सुविधाएं मिल रही हैं।
यूडीआईडी कार्ड से सरकारी योजनाओं तक मदद
मेगा कैंप में दिव्यांगजनों को सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। यहां यूडीआईडी कार्ड पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
रोजगार और करियर को लेकर भी मार्गदर्शन
कैंप में दिव्यांगजनों के भविष्य और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए कैरियर काउंसलिंग, व्यावसायिक मार्गदर्शन और रोजगार संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना भी है।
दूरदराज क्षेत्रों के लाभार्थियों को भी कैंप तक पहुंचाने की व्यवस्था
कैंप का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए भारतीय सेना और प्रशासन की ओर से दूरदराज क्षेत्रों के लाभार्थियों को कैंप स्थल तक पहुंचाने में भी सहयोग किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, पांच दिनों तक चलने वाले इस मेगा कैंप के जरिए बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, जांच, दस्तावेजीकरण और सरकारी योजनाओं से संबंधित सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
