देहरादून/बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अब समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामला उस समय सामने आया था जब भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के एक कर्मचारी पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीकेटीसी ने तत्काल चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर समिति की संस्तुति पर बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल, जो वैयक्तिक सहायक के पद पर कार्यरत थे, को चढ़ावे की गणना ड्यूटी और प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियों से हटा दिया था। बाद में जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में मिले तथ्यों के आधार पर उन्हें निलंबित भी कर दिया गया।
जांच समिति ने करीब एक सप्ताह तक बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना व्यवस्था, कर्मचारियों की ड्यूटी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। समिति ने मामले के हर पहलू की जांच करने के बाद शुक्रवार को अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने जांच पूरी होने की पुष्टि करते हुए कहा कि समिति की रिपोर्ट अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलते ही उसका परीक्षण किया जाएगा और उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

